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आर्थिक घेराबंदी की आग में झुलस रहा है ईरान, 4.8 अरब डॉलर का भारी नुकसान

Published: Sun, 03 May 2026 05:30 AM (IST)Updated: Sun, 03 May 2026 06:55 AM (IST)

एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल राजस्व में 4.8 अरब डॉलर की भारी गिरावट ने तेहरान को एक गहरे ...और पढ़ें

तेहरान गहरे आर्थिक संकट में तेल राजस्व में भारी गिरावट (फोटो- रॉयटर)

तेहरान गहरे आर्थिक संकट में तेल राजस्व में भारी गिरावट (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार- तेल राजस्व में भारी गिरावट ने तेहरान को गहरे आर्थिक संकट में धकेला 

  2. 5.3 करोड़ बैरल तेल से लदे 31 टैंकर खाड़ी में फंसे हैं, अब तक दो टैंकरों को जब्त भी किया जा चुका है 

आईएएनएस, वाशिंगटन। वाशिंगटन से आई एक रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के गलियारों में हलचल मचा दी है। पेंटागन के अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई बंदरगाहों की नाकाबंदी ने ईरान की कमर तोड़ दी है।

तेहरान को एक गहरे आर्थिक संकट में

एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल राजस्व में 4.8 अरब डॉलर की भारी गिरावट ने तेहरान को एक गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है।

यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस कूटनीतिक और सैन्य दबाव की कहानी है, जो समुद्र की लहरों पर लिखी जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस नाकाबंदी का असर जमीन पर साफ दिख रहा है।

होर्मुज ईरान के लिए किसी अभेद्य किले से कम नहीं

वर्तमान में लगभग 5.3 करोड़ बैरल तेल से लदे 31 टैंकर खाड़ी में फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक दो टैंकरों को जब्त भी किया जा चुका है। अमेरिकी कार्रवाई के डर से अब मालवाहक जहाज चीन तक तेल पहुंचाने के लिए लंबे और बेहद महंगे रास्तों का सहारा ले रहे हैं।

ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग

अब ईरान के लिए किसी अभेद्य किले से कम नहीं रह गए हैं। यह पूरी कवायद ईरान पर उस युद्धविराम को स्वीकार करने का दबाव बनाने के लिए है, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान कर रहा है।

अमेरिका का स्पष्ट रुख है कि जब तक इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने का समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह नाकाबंदी नहीं हटेगी।

पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वैल्डेज के शब्दों में, ''यह ऑपरेशन ईरानी शासन की आतंकी फंडिंग और अस्थिरता फैलाने की क्षमता पर एक विनाशकारी प्रहार है।''

जहां ईरान ने कुछ समय पूर्व होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का दावा किया था, वहीं अमेरिका की अडिग नीति ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। समुद्र में जारी यह शह और मात का खेल अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है।

इजरायल और खाड़ी देशों के लिए 8.6 अरब डॉलर की सैन्य बिक्री को मंजूरी

एएनआई के अनुसार, वाशिंगटन ने इजरायल, कतर, कुवैत और यूएई जैसे प्रमुख पश्चिमी एशियाई सहयोगियों को 8.6 अरब डॉलर से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह निर्णय ईरान के साथ लंबे संघर्ष के कारण क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच लिया गया है।

गौरतलब है कि यह मंजूरी ईरान के साथ युद्ध के नौवें सप्ताह और हालिया संघर्ष विराम के तीन सप्ताह बाद आई है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।