वाशिंगटन, प्रेट्र। कंप्यूटर के माध्यम से कॉल करके अमेरिका स्थित बुजुर्गो से 80 लाख डॉलर (58.52 करोड़ रुपये से ज्यादा) की धोखाधड़ी करने के मामले में एक भारतीय ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसे 14 मई को सजा सुनाई जाएगी। साजिश रचने के मामले में उसे जहां अधिकतम 20 वर्ष की सजा हो सकती है वहीं पहचान छिपाने के मामले में अधिकतम दो वर्ष की सजा भुगतनी पड़ सकती है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 39 वर्षीय शहजादखान पठान गुजरात के अहमदाबाद में एक कॉल सेंटर चलाता था। 

कंप्यूटर के जरिये अमेरिका में कॉल करके पठान और उसके करीबी पहले लोगों को मीठी-मीठी बातों में फंसाते थे और बाद में पैसे भेजने के लिए कई तरह की स्कीमों का झांसा देते थे। पीडि़तों द्वारा पैसे भेजने में आनाकानी करने पर ये लोग कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कार्रवाई करने की धमकी भी देते थे। कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक पठान ने पीडि़तों से पैसे लेने के लिए कई लोगों को भर्ती भी किया था। 

वर्जीनिया, न्यूजर्सी, मिनिसोटा, टेक्सॉस, कैलिफोर्निया, दक्षिणी कैरोलिना और इलिनोइस में पठान का नेटवर्क था। भर्ती किए गए लोग पहले पीडि़तों से पैसे लेते थे अैर बाद में पठान को भेजते थे। भारत पैसे भेजने के लिए ना केवल फर्जी दस्तावेजों के सहारे खोले गए बैंक अकाउंट का सहारा लिया गया बल्कि हवाला का भी इस्तेमाल किया गया। न्याय विभाग ने कहा कि पठान ने पांच हजार से अधिक व्यक्तियों से धोखाधड़ी करके उन्हें कम से कम अस्सी लाख डॉलर की चोट पहुंचाई।

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