ट्रंप की आप्रवासन नीतियां और बढ़ता नस्लवाद, क्यों टूटा भारतीय-अमेरिकी समुदाय का भरोसा?
कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के नए सर्वेक्षण के अनुसार, नवंबर 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले भारतीय-अमेरिकी मतदाता फिर ...और पढ़ें

नस्लवाद और आप्रवासन नीतियों के बीच ट्रंप से भारतीय-अमेरिकी समुदाय का मोहभंग
HighLights
आप्रवासन नीतियों ने बढ़ाई भारतीय-अमेरिकियों की चिंता
ट्रंप की सख्त नीतियों से भारतीय-अमेरिकी महसूस कर रहे हैं असुरक्षित
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 2024 में भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं के एक हिस्से को डेमोक्रेट्स से अलग करके उल्लेखनीय राजनीतिक सफलता हासिल की थी। लेकिन दो साल बाद यह आकर्षण कमजोर पड़ता दिख रहा है।
कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के नए सर्वेक्षण के अनुसार, नवंबर 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले भारतीय-अमेरिकी मतदाता फिर से डेमोक्रेट्स की ओर लौट रहे हैं। रिपब्लिकन को उनका साथ लगभग खत्म हो गया है।
अक्टूबर में यूगोव के साथ किए गए भारतीय अमेरिकी एटीट्यूड सर्वे (1,000 भारतीय-अमेरिकी वयस्कों का राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व वाला सर्वे, त्रुटि मार्जिन 3.87 प्रतिशत) के मुताबिक, 62 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी नागरिक अपने कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को वोट देने का इरादा रखते हैं, जबकि रिपब्लिकनों को सिर्फ 19 प्रतिशत समर्थन मिल रहा है।
2024 में ट्रंप को लगभग 30 प्रतिशत वोट मिले थे। 12 प्रतिशत अभी भी अनिर्णीत हैं। सीनेट वोटिंग में भी यही रुझान है- 63 प्रतिशत डेमोक्रेट्स और 21 प्रतिशत रिपब्लिकन।
तुलना के लिए, 2020 में 68 प्रतिशत जो बाइडन को और 22 प्रतिशत ट्रंप को वोट देने वाले थे। 2024 में कमला हैरिस को 62 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि ट्रंप का हिस्सा 30 प्रतिशत तक पहुंच गया। जनवरी 2026 में डेमोक्रेटिक समर्थन 57 प्रतिशत तक गिर गया था, जो अब फिर 62 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
यह बदलाव मुख्य रूप से समुदाय के आप्रवासी और अल्पसंख्यक अनुभव, कानूनी आप्रवासन के समर्थन, सामाजिक कल्याण और MAGA रिपब्लिकन पार्टी के ईसाई इवेंजेलिकल जुड़ाव तथा अल्पसंख्यकों के प्रति असहिष्णुता से असुविधा से जुड़ा है।
पहले आर्थिक सफलता, उद्यमिता, कम कर की प्राथमिकता और अवैध आप्रवासन की चिंता ने कुछ भारतीयों को रिपब्लिकन तर्कों के प्रति आकर्षित किया था। ट्रंप की प्रधानमंत्री मोदी के साथ निकटता (जैसे 2019 का हाउडी मोदी रैली) ने भी उनका कद बढ़ाया था।