'झूठ फैलाना बंद करे पाकिस्तान', UN में कश्मीर राग अलापने पर भारत का करारा जवाब
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों का कड़ा जवाब दिया, इसे भारत का आंतरिक मामला ...और पढ़ें

UN में कश्मीर राग अलापने पर भारत का करारा जवाब।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के बारे में पाकिस्तान की 'बेवजह की बातों' का जवाब देते हुए, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने शुक्रवार को इस्लामाबाद को 'गलत और पक्षपाती नैरेटिव फैलाने' के खिलाफ चेतावनी दी।
पी हरीश ने यह दोहराते हुए कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े सभी मामले पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है, यह केंद्र शासित प्रदेश, भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है और हमेशा रहेगा। हरीश ने कहा कि इसके विपरीत कोई भी दावा बेबुनियाद है और ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है। पाकिस्तान की खोखली बयानबाजी और झूठे दावे इस बुनियादी सच्चाई को नहीं बदल सकते हैं।
पी हरीश, संयुक्त राष्ट्र महासभा में परिषद की वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अदमग द्वारा केंद्र शासित प्रदेश का जिक्र किए जाने पर जवाब दे रहे थे।
#IndiaAtUN
— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) June 5, 2026
PR @AmbHarishP delivered 🇮🇳’s statement at the @UN General Assembly Plenary on Annual Report of the Security Council.
Full remarks here: https://t.co/7ezoeMjYJ1
@MEAIndia @IndianDiplomacy @PMOIndia @PIB_India pic.twitter.com/QWaDkTacmm
UNGA का सदस्य होने के नाते बड़ी जिम्मेदारी की याद दिलाते हुए हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने बांटने वाले राजनीतिक हितों के लिए संयुक्त राष्ट्र के सम्मानित मंचों का गलत इस्तेमाल करने की अपनी आदत को इस मंच पर भी जारी रखने का फैसला किया है।
सुरक्षा परिषद के चुने हुए सदस्य के तौर पर पाकिस्तान का दो साल का कार्यकाल इस साल खत्म हो रहा है।
गिलगित-बाल्टिस्तान पर भारत का विरोध
विदेश मंत्रालय ने तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए 7 जून को आम चुनाव कराने की पाकिस्तान की योजनाओं पर कड़ा विरोध जताया। मंत्रालय का कहना है कि यह इलाका भारत का हिस्सा है जिस पर गैर-कानूनी और जबरन कब्जा किया गया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारत सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान की ऐसी कोशिशें मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और आजादी से वंचित रखने जैसे असल मुद्दों को छिपा नहीं सकतीं, जो पाकिस्तान के गैर-कानूनी कब्जे वाले इलाकों में हो रहे हैं।"
India lodges strong protest regarding holding of “General Elections” in “Gilgit-Baltistan”
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 5, 2026
🔗 https://t.co/J3YFXQrSBh pic.twitter.com/CvTKddUEJR
मंत्रालय ने कहा, "भारत सरकार पाकिस्तान के उस किसी भी प्रयास को पूरी तरह खारिज करती है जिसके तहत वह अपने अवैध कब्जे वाले इलाकों में कोई बड़ा बदलाव करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, सरकार इस बात पर जोर देती है कि ऐसी हरकतें इस सच्चाई को नहीं छिपा सकतीं कि पाकिस्तान ने भारतीय इलाकों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है और उसे ये इलाके खाली करने होंगे।"
बाद में, इस्लामाबाद ने भारत की इन टिप्पणियों को खारिज कर दिया। विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान "गिलगित-बाल्टिस्तान में होने वाले चुनावों के बारे में भारत की बेबुनियाद टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज करता है।"
