'हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना भारत की प्रतिबद्धता', संयुक्त राष्ट्र में सांसद अरुण गोविल का बयान
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में हर नागरिक को किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ...और पढ़ें

हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना भारत की प्रतिबद्धता-अरुण गोविल
HighLights
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की प्रतिबद्धता दोहराई।
सांसद अरुण गोविल ने स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलावों पर प्रकाश डाला।
सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार से जोड़ा है।
डिजिटल डेस्क, संयुक्त राष्ट्र। भारत ने हर नागरिक को किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सांसद अरुण गोविल ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि भारत ने स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं, ताकि सेवाओं तक पहुंच, किफायत और समानता सुनिश्चित की जा सके।
गोविल ने गुरुवार को स्वास्थ्य के अधिकार की न्यायिक प्रवर्तनीयता और जवाबदेही पर आयोजित चर्चा में भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दूरी, भाषा, इलाज का खर्च और कानूनी जानकारी की कमी जैसी बाधाएं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में रुकावट बन सकती हैं।
भारत इन चुनौतियों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य के अधिकार को मजबूत बनाने में न्यायपालिका की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार की व्यापक व्याख्या की है। 1995 के एक फैसले में अदालत ने स्वास्थ्य और चिकित्सा देखभाल को मौलिक अधिकार से जोड़ा था। एक अन्य फैसले में आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पर जोर दिया गया।
सोर्स- न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार
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