सिलिकॉन वैली में भारत की एंट्री, IIT मद्रास ने खोला पहला रिसर्च सेंटर
आईआईटी मद्रास ने अमेरिका के मेनलो पार्क में अपना पहला वैश्विक रिसर्च सेंटर खोला है। यह केंद्र भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार, पूंजी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से जोड़ेगा।

सिलिकॉन वैली में भारत की एंट्री। (फाइल)
HighLights
IIT मद्रास ने अमेरिका में पहला रिसर्च सेंटर खोला।
यह केंद्र भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा।
सिलिकॉन वैली के पास स्थित, $7.5 मिलियन का निवेश।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की तकनीकी क्षमता अब दुनिया के सबसे बड़े इनोवेशन हब तक पहुंच गई है। IIT मद्रास ने अमेरिका में अपना पहला वैश्विक रिसर्च सेंटर खोल दिया है। कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में स्थापित यह केंद्र भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए लॉन्चपैड की तरह काम करेगा।
खास बात यह है कि यह सेंटर सिलिकान वैली के बेहद करीब है, जहां दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां और निवेशक मौजूद हैं।
करीब 75 लाख डॉलर के निवेश से तैयार हो रहा यह केंद्र भारतीय तकनीकी प्रतिभाओं को वैश्विक बाजार, पूंजी, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ेगा। IIT मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन के तहत शुरू की गई इस पहल का मकसद भारत में विकसित हो रही नई तकनीकों को लैब से निकालकर वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।
यह केंद्र रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्टार्टअप इनक्यूबेशन, उद्योग-अकादमिक सहयोग और वेंचर निवेश के नए अवसर भी खोलेगा। इससे भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, निवेश और मेंटरशिप का लाभ मिलेगा।
दूसरा सेंटर खोलने की योजना
IIT मद्रास ने अमेरिका के ईस्ट कोस्ट में दूसरा सेंटर खोलने की भी योजना बनाई है, जिससे भारत-अमेरिका इनोवेशन नेटवर्क और मजबूत होगा। भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)