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पुराने मालिक के गांजे का कारोबार नए खरीदार पर करोड़ों का जुर्माना, 5 साल बाद सुलझा अमेरिका का चर्चित मामला।

Published: Thu, 01 Oct 2026 04:47 PM (IST)

कैलिफोर्निया में एक अमेरिकी कपल ने घर खरीदा, लेकिन पिछले मालिक के गांजे के कारोबार के कारण उन पर करोड़ों का जुर्माना लगा।

कपल को पुराने मालिक के गांजे के काम से जुड़ा विवाद मिला।

कपल को पुराने मालिक के गांजे के काम से जुड़ा विवाद मिला।

HighLights

  1. कपल को पुराने मालिक के गांजे के काम से जुड़ा विवाद मिला।

  2. हम्बोल्ट काउंटी ने उन पर करोड़ों का भारी जुर्माना लगाया था।

  3. चार साल बाद कानूनी लड़ाई में समझौता हुआ, जुर्माने वापस लिए।

डिजिटल डेस्क,वाशिंगटन। कैलिफोर्निया के हम्बोल्ट काउंटी में 2021 में एक अमेरिकी कपल ने घर और जमीन खरीदना एक डरावने सपने जैसा साबित हुआ।

कपल को घर के पिछले मालिक के गांजे के काम से जुड़ा एक कानूनी विवाद विरासत में मिला और इस विवाद के चलते उन पर करोड़ों का जुर्माना लगाया गया।

काउंटी अधिकारियों ने उन पर लगभग 8.3 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगा दिया साथ ही जमीन पर बने उस खलिहान को गिराने के लिए लगभग 1.66 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बिल थमा दिया, जहां कथित तौर पर गांजा उगाया गया था । लगभग चार साल तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद एक समझौते के तहत विवादित नोटिस जुर्माने और फीस को वापस ले लिया गया।

घर खरीदते ही करोड़ों का बिल

थॉमस परिवार की मुश्किलें 2021 में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के तुरंत बाद शुरू हुईं। लीगल संस्था इंस्टीट्यूट फॉर Justiça के अनुसार, हम्बोल्ट काउंटी के अधिकारियों ने पिछले मालिक की गांजे से जुड़ी गतिविधियों को ऐसे उल्लंघन माना, जिनका असर प्रॉपर्टी पर बना रहा।

अमेरिकी कपल का कहना था कि उन्होंने कोई उल्लंघन नहीं किया था और वे पहले हुए काम के लिए जिम्मेदार नहीं थे। हालांकि, काउंटी प्रशासन ने जमीन के पुराने इतिहास के आधार पर नए खरीदारों पर ही सिविल पेनल्टी लगा दी।

कैसे काम करता था काउंटी का जुर्माना सिस्टम

हम्बोल्ट काउंटी के कैनबिस कोड लागू करने वाले सिस्टम में जुर्माने की रकम रोजाना बढ़ती रहती थी। मुकदमे से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, उल्लंघन और लागू काउंटी नियमों के आधार पर जुर्माना रोजाना 10000 या 12000 डॉलर (8 से 10 लाख रुपए) तक पहुंच सकता था।

काउंटी अधिकारी बिना इजाजत वाले कैनबिस फार्मों की पहचान के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का सहारा लेते थे, लेकिन यह जांच नहीं करते थे कि वह काम किसने और कब किया।

एक बार नोटिस जारी होने के बाद, जब तक मकान मालिक को सुनवाई की तारीख मिलती, तब तक जुर्माने की रकम बढ़कर लाखों डॉलर हो जाती थी। इस सिस्टम ने पूरी तरह से मकान मालिकों को अपनी बेगुनाही साबित करने पर मजबूर कर दिया था।

थॉमस परिवार को मिला दूसरे प्रभावित परिवार का समर्थन

इस मुकदमे में शामिल प्रॉपर्टी मालिक सिर्फ थॉमस परिवार ही नहीं था। इंस्टीट्यूट फॉर जस्टिस ने ऐसे ही 5 प्रभावित प्रॉपर्टी मालिकों का प्रतिनिधित्व किया।

रोंडा ओल्सन से भी उन संपत्तियों पर लाखों डॉलर का जुर्माना मांगा गया था, जिन्हें उन्होंने पिछली गतिविधियों के खत्म होने के बाद खरीदा था।

ब्लू ग्राहम ने अपनी जमीन पर सब्जी उगाने के लिए ग्रीनहाउस बनाया था, लेकिन काउंटी ने उसे गांजे का फार्म समझकर जुर्माना लगा दिया। उन्हें यह साबित करने में सालों का समय लग गया।

मालिकों ने 2022 में फेडरल कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में तर्क दिया गया कि बिना सुनवाई के इतना अत्यधिक जुर्माना वसूलना अमेरिकी संविधान के 8वें संशोधन और ड्यू प्रोसेस का सीधा उल्लंघन है।

फेडरल कोर्ट का रुख और ऐतिहासिक समझौता

मामला जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से होते हुए नाइंथ सर्किट कोर्ट पहुंचा, तो अदालत ने माना कि मालिकों के दावों में दम है और काउंटी की कार्रवाई असंवैधानिक हो सकती है।

अदालत के इस कड़े रुख के बाद हम्बोल्ट काउंटी पर समझौते का दबाव बढ़ गया। कोर्ट में पूरी सुनवाई का सामना करने के बजाय काउंटी प्रशासन ने पीड़ितों के साथ समझौता कर लिया।

समझौते के बाद क्या बदलाव आएंगे?

इस समझौते के तहत, हम्बोल्ट काउंटी उन सभी बकाया नोटिसों, जुर्माने और फीस को वापस ले लेगी जो कैनबिस (गांजा) से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए पांच प्रॉपर्टी मालिकों द्वारा चुनौती दी गई थीं। इसका मतलब है कि थॉमस परिवार को अब उस प्रॉपर्टी से जुड़े 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा के जुर्माने का सामना नहीं करना पड़ेगा।

काउंटी वादियों को उनके कानूनी खर्च और वकीलों की फीस के रूप में लगभग 2.9 करोड़ रुपये देने पर सहमत हुई। अब गांजे से जुड़ा कोई भी जुर्माना लगाने से पहले काउंटी को मकान मालिक को लिखित चेतावनी और 30 दिन का समय देना होगा।

नोटिस मिलने के 60 दिनों के भीतर निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार मिलेगा और इस समझौते के बाद सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ये होगा कि सुनवाई चलने के दौरान रोजाना लगने वाला जुर्माना रोक दिया जाएगा।

साथ ही फेडरल कोर्ट अगले 3 वर्षों तक इस बात पर नजर रखेगी कि काउंटी इन सुधारों का सही तरीके से पालन कर रही है या नहीं।

घर मालिकों के लिए क्यों अहम है ये मामला?

यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो पुरानी या यूज्ड प्रॉपर्टी खरीदते हैं। कई बार पिछले मालिक के पुराने कोड उल्लंघन या बकाया चालान नए खरीदारों के लिए आफत बन जाते हैं।

यह फैसला साबित करता है कि स्थानीय सरकारों के पास नियम लागू करने का अधिकार जरूर है, लेकिन वे नागरिकों को बिना सुनवाई का अवसर दिए मनमाना और अत्यधिक जुर्माना नहीं थोप सकतीं।

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