वाशिंगटन ऑनलाइन डेस्‍क। अमेरिका में एक 78 वर्षीय सीरियल किलर सैमुअल लिटिल की चर्चा जोरों पर है। अमेरिकी अदालत ने बुजुर्ग सीरियर किलर को तीन साल की सजा सुनाई है। अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआइ का कहना है कि दोषी शख्‍स ने हाल ही में 1970 से 2005 के बीच 90 लोगों की हत्‍या करने का जुर्म भी कबूला है। यदि इनकी पुष्टि हो जाती है तो सैमुअल लिटिल अमेरिका के इतिहास का सबसे खूंखार सीरयिर किलर होगा। यहां यह सवाल अहम है कि दुनिया की सबसे मजबू खुफ‍िया एजेंसी के रहते हुए अमेरिका में खुंखार सीरियल किलर कैसे इतने दिनों तक खुली हवा में सांस लेते रहे। इसके अलावा अन्‍य सीरियल किलर की कहानी। 

35 साल में 90 हत्‍याओं का जुर्म खुद कबूला

सैमुअल ने 35 साल में 90 हत्‍याओं का जुर्म खुद कबूला है। इसमें से 34 की पहले ही पुष्टि हो चुकी है। सैमुअल को सितंबर 2012 में केंटकी से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे कैलिफोर्निया ले जाया गया था। लॉस एंजेलिस में प्रशासन ने उसके डीएनए को 1987 और 1989 के बीच तीन महिलाओं की हत्‍या के दौरान मिले डीएनए से मिलान हो गया है। इन महिलाओं को पहले पीटा गया। इसके बाद उनका गला घोंट कर उनके शव को गाड़ दिया गया। सैमुअल को इन तीन हत्‍याओं के जुर्म में सजा सुनाई गई, लेकिन पुलिस उनके डीएनए को एफबीआइ के साथ शेयर करना चाहती है। इसका मकसद यह है कि उसके सभी मामलों की भी जांच हो सके। खास बात यह है कि सैमुअल ने जिन लोगों की हत्‍याएं की हैं, उसे सब याद है। इतना ही नहीं सैमुअल को उनके चेहरे भी याद है।

एक ही तरीके से करता था कत्‍ल

सैमुअल ने 90 से ज्‍यादा महिलाओं को मौत के घाट उतारा है। उसको तीन बार ताउम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। पूछताछ के दौरान उसने अपने गुनाहों की खौफनाक कहानियां सुनाई हैं। 1980 के दशक में उसने अकेले लॉस ऐंजिलिस में ही कई महिलाओं को मौत की नींद सुला दिया था। चौंकाने वाली बात यह है वह एक-एक कर कत्‍ल करता रहा और अमेरिकी पुलिस और एफबीआइ को इसकी भनक तक नहीं लगी। उसने सभी कत्‍ल एक ही तरीके से किया। इसलिए पुलिस को इसका अंदाजा था कि कातिल को एक ही शख्‍स है।

गरीब महिलाओं को बनाया अपना श‍िकार

अमेरिकी पुलिस के मुताबिक उसने ज्‍यादातर गरीब महिलाओं को अपना श‍िकार बनाया। उसने ऐसी महिलाओं का शिकार किया जो नशे का शिकार थीं। सैमुअल हर बार कत्‍ल करता था और पुलिस की आंख में धूल झोंकने में कामयाब हो जाता था। अमेरिकी पुलिस को उसकी दशकों से तलाश थी। 2012 में वह पहली पर पुलिस के हत्‍थे चढ़ा। उसे अपने गुनाहों को कोई मलाल नहीं है। उस पर अभी भी कई मामले चल रहे हैं। 

 

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