वाशिंगटन, एएनआइ। भारतीय परिवारों में रात में सोने से पहले गुनगुना दूध पीकर सोने का प्रचलन है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि ऐसा करने से रात में नींद अच्छी आती है। अब अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भी अपने ताजा अध्ययन में बताया है कि दूध में एक तत्व 'ट्रिप्टोफेन' पाया जाता है, जो नींद को बढ़ाता है।

दूध में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफेन एक अमीनो एसिड है जो प्रोटीन की बायोसिंथेसिस करता है। लेकिन वैज्ञानिकों ने यह भी खोज की है कि दूध में अमीनो एसिड के विखंडन से बनने वाले प्रोटीन के टुकड़े (पेपटाइड्स) केसिन कहलाते हैं। केसिन ट्रिप्टिक हाइड्रोलीसेट (सीटीएच) के कारण स्ट्रेस व तनाव दूर होता है और नींद अच्छी आती है।

अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के जरनल आफ एग्रीकल्चर एंड फूड केमेस्ट्री में प्रकाशित शोध के अनुसार सीटीएच में पेपटाइड्स की खोज की गई है। इससे संभवत: भविष्य में स्वाभाविक नींद के लिए नए उपचार तलाशे जा सकेंगे।

सेहत के लिए भी अच्छा है रात को गर्म दूध पीना

यूएस सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार एक तिहाई अमेरिकी वयस्कों को अनिद्रा की समस्या रहती है। अनिद्रा के इस रोग के लिए अक्सर इन लोगों को चिकित्सक बंजोडियाजेपाइंस और जोल्पीडेम जैसे सेडेटिव लेने को कहते हैं। लेकिन इन दवाओं के साइट इफेक्ट भी हैं। लोगों को इन दवाओं की लत भी लग सकती है। ऐसी कई दवाओं से दिमाग की नसों पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में विज्ञानियों का कहना है कि रात में सोने से पहले गुनगुना दूध पीना नासिर्फ अच्छी नींद के लिए अच्छा है बल्कि यह सेहत के लिए भी अच्छा है। 

गौरतलब है कि दूध में अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जिसका सेवन करना हड्डियों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।

यह भी पढ़ें: महामारी आने के बाद रूस में एक दिन के अंदर रिकार्डस्तर पर हुईं कोरोना से मौतें, देखें आकड़ें