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मिडटर्म नतीजों के बाद ट्रंप सरकार में पहला बड़ा इस्तीफा, US DOJ सिविल राइट्स प्रमुख हरमीत ढिल्लों ने छोड़ा पद

Published: Fri, 06 Nov 2026 06:18 PM (IST)

भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत के. ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार विभाग के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है।

अमेरिकी न्याय विभाग की नागरिक अधिकार प्रमुख हरमीत ढिल्लों ने दिया इस्तीफा

अमेरिकी न्याय विभाग की नागरिक अधिकार प्रमुख हरमीत ढिल्लों ने दिया इस्तीफा

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार विभाग की प्रमुख भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत के. ढिल्लों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को उनके इस्तीफे की औपचारिक घोषणा की।

ढिल्लों का यह इस्तीफा 2026 के मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों पर फिर से नियंत्रण हासिल करने के ठीक दो दिन बाद सामने आया है।

रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के बाद ट्रंप प्रशासन छोड़ने वाले शीर्ष अधिकारियों में ढिल्लों का नाम प्रमुखता से शामिल है।

नीतियों में निभाई अहम भूमिका

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ढिल्लों ने न्याय विभाग के नागरिक अधिकार विभाग की प्राथमिकताओं को पूरी तरह से बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई।

पारंपरिक रूप से यह विभाग मतदान अधिकारों की सुरक्षा और नस्लीय भेदभाव की जांच के लिए जाना जाता था, लेकिन ढिल्लों के नेतृत्व में इसका ध्यान विविधता, समानता और समावेश कार्यक्रमों को कानूनी चुनौती देने, विश्वविद्यालयों में यहूदी-विरोधी घटनाओं की जांच करने और नागरिकों के बंदूक रखने के अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित हो गया।

उनके इन फैसलों से विभाग के भीतर भारी मतभेद उतपन्न हुए और नई दिशा से असहमत कई वरिष्ठ वकीलों ने इस्तीफा दे दिया। ढिल्लों ने उन वकीलों पर ट्रंप प्रशासन की नीतियों का विरोध करने और उदारवादी एजेंडे को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया था।

उपलब्धियां और इस्तीफे के कारण

अपने इस्तीफे के पत्र में ढिल्लों ने विविधता कार्यक्रमों को खत्म करने, महिलाओं की खेल नीतियों की सुरक्षा और ट्रांसजेंडर छात्रों से जुड़ी स्कूली नीतियों में बदलाव को अपनी प्रमुख उपलब्धियां बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हमने अवैध DEI कार्यक्रमों को खत्म करने की शुरुआत की, महिलाओं और लड़कियों के खेलों की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, और भी बहुत कुछ किया। ढिल्लों ने पद देने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार भी जताया।

हालांकि, इस्तीफे पत्र के अनुसार ढिल्लों ने अक्टूबर में ही पद छोड़ने की इच्छा जाहिर कर दी थी। सूत्रों के अनुसार, न्याय विभाग में अपेक्षित पदोन्नति न मिलना और अपनी निजी लॉ फर्म द ढिल्लों लॉ ग्रुप को पुनर्गठित करने की इच्छा भी उनके इस फैसले के पीछे की प्रमुख वजहें रहीं।

ढिल्लों का कार्यकाल कई बड़े विवादों से भरा रहा

विश्वविद्यालयों की जांच: उन्होंने हार्वर्ड और वर्जीनिया विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की जांच का नेतृत्व किया। इसके कारण वर्जीनिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा, जबकि हार्वर्ड ने कई मौकों पर संघीय सरकार के दबाव को अदालत में चुनौती दी।

मतदाता डेटा विवाद: मध्यावधि चुनावों से पूर्व गैर-नागरिकों को वोट देने से रोकने के नाम पर राज्यों से मतदाताओं के निजी रिकॉर्ड मांगने के प्रयासों में विभाग को कई कानूनी झटके लगे।

राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई: उनके कार्यकाल में पूर्व CNN एंकर डॉन लेमन और व्हाइट हाउस की पूर्व सहयोगी कैसिडी हचिंसन जैसे ट्रम्प के आलोचकों पर आपराधिक मामले चलाने की कोशिशें की गईं, जिन्हें लेकर आलोचकों ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए।

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