जंगलों की आग बढ़ा रही जहरीली ओजोन, स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
जंगलों की आग सिर्फ धुआं ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जहरीली ओजोन गैस का निर्माण भी बढ़ा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

जंगलों की आग जमीनी स्तर पर जहरीली ओजोन गैस बढ़ा रही है (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। जंगलों में लगने वाली भीषण आग सिर्फ धुएं और पीएम 2.5 कणों का खतरा ही नहीं बढ़ाती, बल्कि यह इससे कहीं अधिक खतरनाक है। विज्ञानियों ने ऐसे खतरे की ओर ध्यान दिलाया है, जो आग बुझने और धुआं छंटने के बाद भी हवा को जहरीला बना सकता है।
दरअसल विज्ञानी इस बात को लेकर चिंतित है कि जंगलों में लगने वाली आग जमीनी स्तर पर जहरीली ओजोन गैस का निर्माण तेजी से बढ़ रहा है। यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर संकट है।
ओजोन गैस प्राकृतिक रूप से पाई जाती है और ऊपरी वायुमंडल में यह सुरक्षा का काम करती है और धरती को सौर विकिरण से बचाती है, लेकिन जमीन के पास मौजूद ओजोन हानिकारक है।
यह सांस की नली को नुकसान पहुंचाती है। इसकी वजह से बच्चों में अस्थमा के साथ ही वयस्कों में दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्याएं हो सकती हैं।
नए अध्ययनों के मुताबिक, जंगलों की आग अमेरिका में ओजोन प्रदूषण को बढ़ा रही है और इसका असर हजारों किलोमीटर दूर तक महसूस हो सकता है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले के शोधकर्ता जान बाल्म्स, जिन्होंने ओज़ोन पर रिसर्च की है, ने कहा, ओजोन के संपर्क में आने से समय से पहले मौत हो सकती है।
आयोवा विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय रसायनज्ञ जून वांग और उनकी टीम ने मशीन लर्निंग की मदद से सेटेलाइट, सेंसर और वायुमंडलीय माडल के आंकड़ों से पूरे अमेरिका में एक वर्ग किलोमीटर तक के स्तर पर ओजोन का मानचित्र तैयार किया। जून में 'साइंस' में प्रकाशित शोध के परिणाम चिंताजनक थे।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, 2022 से 2024 के बीच 4.3 करोड़ लोग जंगलों की आग के कारण संभावित रूप से खतरनाक ओजोन स्तर के संपर्क में आए। विज्ञानियों का कहना है कि औद्योगिक उत्सर्जन अब भी ओजोन का प्रमुख स्रोत है और उसे नियंत्रित करना जरूरी है।
लेकिन बढ़ते तापमान और सूखे के कारण भविष्य में जंगलों की आग और बड़ी हो सकती है। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, अत्यधिक गर्मी बढ़ने की स्थिति में अगले 30 वर्षों में जंगलों के धुएं से अमेरिका में करीब 20 लाख मौतें हो सकती हैं।
