वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका में आइटी क्षेत्र से जुड़ी एक कंपनी पर अपने एच-1बी वीजा वाले कर्मियों को कम वेतन देने के कारण 45 हजार डॉलर (करीब 32 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कम वेतन पाने वाले 12 कर्मियों को तीन लाख डॉलर (करीब दो करोड़ रुपये) का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। एच-1बी वीजा के तहत अमेरिकी कंपनियां कुशल विदेशी पेशेवरों को नौकरी देती हैं। भारतीयों के बीच यह वीजा काफी लोकप्रिय है।

अमेरिका के लेबर वेज एंड आवर डिवीजन (डब्ल्यूएचडी) ने अपनी जांच में रेडमंड स्थित पीपल टेक ग्रुप (पीटीजी) को एच-1बी वीजा कर्मियों को उचित वेतन नहीं देने का दोषी पाया। इस कंपनी के कार्यालय बेंगलुरु और हैदराबाद में भी हैं।

डब्ल्यूएचडी के कार्यकारी निदेशक कैरी एग्यूलर ने कहा, 'इस मामले में की गई कार्रवाई अमेरिकी नौकरियां बचाने की हमारी प्रतिबद्धता का सुबूत है। इससे यह भी साबित हुआ कि हम सभी को उनका उचित मेहनताना दिलाने के लिए संकल्पित हैं।' विभाग ने 2013 में एच-1बी वीजा नियमों का उल्लंघन कर रही 30 कंपनियों की सूची तैयार की थी। इनमें ज्यादातर कंपनियों के मालिक भारतीय-अमेरिकी हैं।

Posted By: Ravindra Pratap Sing