वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका का बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान एफ-21 भारतीय रक्षा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उसे खासतौर पर भारत की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में भी कुछ खास गुणों वाला है। इसका रडार सिस्टम और वारफेयर सिस्टम दुश्मन को घेरकर कार्रवाई करने में सक्षम है। यह बात अमेरिका की रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने कही है।

बेंगलुरु में फरवरी में महीने में हुए एयरो इंडिया शो में एफ-21 को प्रदर्शित करने वाली लॉकहीड मार्टिन भारतीय कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ मिलकर भारत में ही इसका उत्पादन करने को तैयार है। कंपनी ने पहले एफ-16 विमान के भारत में वितरण और बिक्री का प्रस्ताव रखा था लेकिन वह अंजाम तक नहीं पहुंच सका था। लॉकहीड के रणनीतिक और व्यापार मामलों में उपाध्यक्ष विवेक लाल ने बताया कि एफ-21 को इस तरह से तैयार किया गया है कि वह भारतीय वायुसेना को रणनीतिक रूप से नई ताकत दे सके। यह कम ईंधन में ज्यादा दूरी तक और ज्यादा ताकत देने वाला विमान है। यह नेटवर्क लिंकिंग के मामले में भी खास विमान है।

एफ-21 के एफ-16 का री ब्रांड होने का दावा खारिज करते हुए लाल ने कहा, दोनों विमानों की बाहरी संरचना एक जैसी लग सकती है लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। इसमें लगा रडार एफ-16 की तुलना में दो गुना ज्यादा क्षमतावान है। इससे लक्ष्य पर बेहतर तरीके से हमला करना संभव होगा। इसमें एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम लगा है, जिसे खासतौर पर भारत की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया गया है। यह जमीन और आकाश दोनों पर समान रूप से प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है। इस विमान को भारतीय वायुसेना के लिए तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में कंपनी जल्द कदम बढ़ाएगी।

Posted By: Nitin Arora