नई दिल्ली[जागरण स्पेशल]। इलेक्ट्रिक गैजेट्स जहां एक तरफ जीवन की शांति छिन रहे हैं, रिश्तों में कड़वाहट  पैदा कर रहे हैं, लोगों के बीच सामाजिक दूरी पैदा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अब ये आधुनिक जीवन में रक्षक की भी भूमिका निभा रहे हैं। कई कंपनियां अब इस तरह के गैजेट्स भी बना रही हैं जो आपकी ह्दय गति बढ़ने, असामान्य स्थिति होने जैसी तमाम जानकारियां देते रहते हैं।

हाल ही में मैनचेस्टर में ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक 22 साल के स्टूडेंट की इलेक्ट्रिक घड़ी ने जान बचा ली। दरअसल जब ये स्टूडेंट आराम कर रहा था तभी उसके हाथ में लगी घड़ी ने एलार्म बजा दिया कि उसकी ह्दय गति बढ़ रही है, इस वजह से वो तुरंत अस्पताल की ओर गया, वहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया फिर उसका आपरेशन किया।

एप्पल वॉच ने कैसे किया एलर्ट

22 साल के स्टूडेंट जॉर्ज कॉक्स अपने हाथ में इलेक्ट्रिक घड़ी लगाकर आराम कर रहे थे, मई 2019 में निजी अस्पताल में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। उसके बाद एहतियात के लिए उन्होंने अपने हाथ में इलेक्ट्रिक वॉच पहनना शुरू कर दिया था जिससे उनको हृदय गति आदि चीजों के बारे में पता लगता रहे। कुछ दिन पहले जब वो आराम कर रहे थे तभी उनकी घड़ी ने उनकी ह्दय गति 130bpm रीडिंग दर्ज की। इतनी रीडिंग देखने के बाद उन्होंने माना कि उनको दवा का सेवन करना था मगर वो उसे भूल गए। नवंबर 2018 में रॉयल ओल्डम अस्पताल में, डॉक्टरों ने परीक्षण किए और उसे एओर्टिक रिगर्जेटेशन के साथ निदान किया, जिसे टपका हुआ हृदय वाल्व भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति तब होती है जब दिल का महाधमनी वाल्व कसकर बंद नहीं होता है और इसके परिणामस्वरूप रक्त के कुछ अंग, मुख्य अंग से बाहर निकल जाते हैं। यह अचानक दिल की विफलता का कारण बन सकता है। 

गैजेट्स सेहत से जुड़ी दे रहे जानकारियां

दरअसल कंपनियां इन दिनों अलग-अलग तरह की ऐसी घड़ियां बना रही हैं जो आपको आपकी सेहत से जुड़ी तमाम तरह की जानकारियां देती रहती हैं। यदि आप एक्सरसाइज कर रहे हैं या पार्क में दौड़ भाग कर रहे हैं तो आपको ये लगानी चाहिए जिससे आपको तमाम चीजों का पता चल सके। यदि सेहत ठीक नहीं है और आप एक्सरसाइज करने की सोच रहें तो इस तरह के गजट्स आपको पहले ही सावधान कर देते हैं।

कॉक्स ने नवंबर 2016 में इलेक्ट्रिक घड़ी खरीदी और फिर जनवरी 2019 में उसे एक सीरीज़ फोर मॉडल में अपग्रेड किया। उनका कहना है कि वो अपनी सेहत के लिए बहुत जागरूक रहते हैं इस वजह से उन्होंने इस घड़ी का इस्तेमाल करना शुरू किया और उसी हिसाब से अपनी सेहत पर ध्यान दे रहे थे।

उन्होंने बताया कि जिस दिन उनकी तबियत खराब महसूस हो रही थी उस दिन थका हुआ सा महसूस हो रहा था क्योंकि शरीर में रक्त तेजी से नहीं चल रहा था, मैंने यह मान लिया था कि यह सब चलता रहता है। इस ओर खास ध्यान नहीं दिया, कुछ समय के बाद आराम करने लगा, नींद आ गई। इसी बीच घड़ी ने ह्दय गति असामान्य बताई तो हैरान रह गया। उसके बाद सीधे डॉक्टर के पास गया, वहां पर अपनी जांच कराई फिर अस्पताल में भर्ती हो गया।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने मुझे देखा और चेक किया और फिर आपरेशन किया। आपरेशन के दौरान मुझे लगा कि आज मेरा अंतिम दिन है मगर घड़ी की बदौलत समय पर अस्पताल पहुंच जाने की वजह से जान बच गई। डॉक्टरों ने भी कहा कि यदि थोड़ी देर और हो जाती तो जान बचाना मुश्किल हो जाता। डॉक्टरों ने आपरेशन के दौरान मेरा एक वाल्व बदल दिया जिसकी वजह से मेरा जीवन बच गया, वरना मेरा जीवन खत्म हो गया था।

 

Posted By: Vinay Tiwari

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