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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए हम हमेशा आगे आए', विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 समिट के परिणामों का किया उल्लेख

By AgencyEdited By: Shalini Kumari
Published: Sun, 24 Sep 2023 09:40 AM (IST)

न्यूयॉर्क में इंडिया-यूएन फॉर ग्लोबल साउथ डिलीवरिंग फॉर डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ...और पढ़ें

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 समिट के परिणामों का किया उल्लेख
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 समिट के परिणामों का किया उल्लेख

HighLights

  1. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 समिट के परिणामों का किया उल्लेख
  2. दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए हम हमेशा आगे आए- एस जयशंकर

न्यूयॉर्क, एएनआई। न्यूयॉर्क में इंडिया-यूएन फॉर ग्लोबल साउथ: डिलीवरिंग फॉर डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की जी20 की अध्यक्षता के कई पहलुओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब दक्षिण-दक्षिण सहयोग की बात आती है तो नई दिल्ली ने बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफ्रीकी संघ को स्थायी जी20 सदस्य के रूप में शामिल करने की भी सराहना की और इसे शिखर सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक बताया है।

भारत का संदेश दुनिया में गूंजा

न्यूयॉर्क में 'इंडिया-यूएन फॉर ग्लोबल साउथ: डिलीवरिंग फॉर डेवलपमेंट' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, "हालांकि हम इस साल के अंत तक जी20 के अध्यक्ष हैं, जी20 की अध्यक्षता से पहले और उसके बाद भी हम अपने तरीके से एक भागीदार, एक योगदानकर्ता, एक सहयोगी बने रहेंगे, शायद विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए दूसरों के लिए एक प्रेरणा बनेंगे। हम अपने अनुभवों और अपनी चुनौतियों को साझा करने की भावना रखते हैं।"

उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता में अफ्रीकी संघ को जी20 का पूर्ण सदस्य बनाकर जो संदेश देना चाहा है, वह न केवल समूह के भीतर बल्कि इसके बाहर भी गूंजेगा।

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हमने दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर की चर्चा

जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम में कहा, "हम जानते हैं कि इसके कुछ पहलू हो सकते हैं, जो आपको उपयोगी लग सकते हैं, जैसा कि राजदूत कंबोज ने उल्लेख किया कि हम आज दुनिया भर के लगभग 80 देशों में सक्रिय हैं और जब दक्षिण-दक्षिण सहयोग की बात आती है, तो हमने बातचीत को जारी रखने का पूरा प्रयास किया है।"

उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक गणनाएं और प्रतिस्पर्धाएं आज कई देशों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्रभावित कर रही हैं, जिनमें भोजन, उर्वरक और ऊर्जा तक उनकी सस्ती पहुंच भी शामिल है।

भू-राजनीतिक गणना और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धाओं ने कई देशों को किया प्रभावित

जयशंकर ने कहा, "हर गुजरते दिन के साथ, हमारे लिए यह स्पष्ट हो गया है कि आज भू-राजनीतिक गणना और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धाएं कई देशों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्रभावित कर रही हैं, जिनमें भोजन, उर्वरक और ऊर्जा तक उनकी सस्ती पहुंच शामिल है।"

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उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह सुनिश्चित करना एक विशेष जिम्मेदारी थी कि हमारे सभी G20 सदस्यों के सहयोग से, हम ग्लोबल साउथ की तत्काल निराशाजनक जरूरतों पर G20 को फिर से केंद्रित करने में सक्षम थे और यह हमने आठ प्रमुख परिणामों में परिलक्षित किया था। इसमें सतत विकास लक्ष्यों के लिए कार्य योजना, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार, एक हरित विकास समझौता, जीवन के लिए उच्च सिद्धांत, पर्यावरण के लिए जीवन शैली पहल, ऋण प्रबंधन पर एक समझ, महिला नेतृत्व पर एक आम सहमति विकास, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की स्वीकृति और वैश्विक कौशल मानचित्रण करने के लिए एक समझौता शामिल था।"