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आसमान से गिरे ड्रोन, रूस के खिलाफ रोकना पड़ा युद्ध... मस्क की 'स्टारशील्ड' में खराबी से कैसे लगा जेलेंस्की को झटका

Published: Thu, 22 Oct 2026 10:07 AM (IST)

अमेरिकी सैन्य सैटेलाइट सेवा स्टारशील्ड में रुकावट के कारण यूक्रेन के लाखों डॉलर के ड्रोन आसमान से गिर गए, जिससे यूक्रेनी सेना को तीन दिनों तक अपने अभियान रोकने पड़े।

मस्क की स्टारशील्ड ने जेलेंस्की को दिया धोखा। (फाइल फोटो।)

मस्क की स्टारशील्ड ने जेलेंस्की को दिया धोखा। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. स्टारशील्ड रुकावट से यूक्रेनी ड्रोन गिरे, लाखों का नुकसान।

  2. तीन दिन तक यूक्रेन के सैन्य अभियान रोकने पड़े।

  3. अमेरिका पर राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगे।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी सैन्य सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारशील्ड में आई रुकावट के कारण 1 मिलियन डॉलर से अधिक कीमत वाले यूक्रेनी ड्रोन आसमान से गिर गए। इस वजह से यूक्रेनी सैनिकों को तीन दिनों तक अपने लगभग सभी अभियान रोकने पड़े।

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने यूक्रेनी सैन्य कमांडर के हवाले से रिपोर्ट में बताया कि पिछले हफ्ते दर्जनों हथियारबंद ड्रोन रूसी सैन्य ठिकानों की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक उनके वीडियो फीड धुंधले हो गए। उन्होंने बताया कि स्टारशील्ड के जरिए इन ड्रोन्स का जमीन पर मौजूद पायलटों से संपर्क टूट गया था। रिपोर्ट के अनुसार, कई ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे उनकी इकाइयों को 10 लाख डॉलर से अधिक मूल्य के हथियारों का नुकसान हुआ।

तीन दिनों तक स्थगित करने पड़े अभियान

यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को लेकर अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ कथित बातचीत के कुछ दिनों बाद सामने आया है। अधिकारी ने कहा कि इस व्यवधान के कारण उनकी इकाइयों को अगले तीन दिनों के लिए लगभग सभी अभियान स्थगित करने पड़े, जिनमें रूसी कमांड पोस्ट और ईंधन केंद्रों पर हमले भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अग्रिम मोर्चों पर यूक्रेनी सैनिकों की रक्षा करने और रूसी बढ़त को धीमा करने में सहायक होते हैं। कथित व्यवधानों ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है।

समस्याएं अभी भी बनी हुईं

यूक्रेनी सैनिकों ने कहा कि एक सप्ताह बाद कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, लेकिन समस्याएं बनी हुई हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस मुद्दे पर मिश्रित बयान जारी किए हैं, जिसमें यूक्रेन में उपग्रह इंटरनेट सेवाओं में किसी भी बदलाव से इनकार किया गया है, जबकि यह भी कहा गया है कि सेवा बहाल कर दी गई है।

यूक्रेनी अधिकारियों को आशंका है कि रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों के लिए कीव को दंडित करने और युद्ध में रियायतें देने के लिए दबाव बनाने के लिए ये व्यवधान किए गए थे। यूक्रेन ने अमेरिकी सैन्य खुफिया जानकारी साझा करने में कमियों और अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलों की डिलीवरी में देरी की भी शिकायत की है। अमेरिकी अधिकारियों ने इन सेवाओं में जानबूझकर बाधा डालने की बात से इनकार किया है।

स्टारशील्ड क्या है और यूक्रेन को कैसे प्रभावित करता है?

स्टारशील्ड एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा विकसित एक मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट संचार प्रणाली है। यह स्टारलिंक का एक अधिक उन्नत सहयोगी सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल यूक्रेनी सेनाएं संचार और ड्रोन ऑपरेशनों के लिए बड़े पैमाने पर करती हैं। यूक्रेन को स्टारशील्ड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यूरोपीय देश भुगतान करते हैं।

हालांकि, यह एडवांस्ड सिस्टम सभी यूक्रेनी सैनिकों के पास उपलब्ध नहीं है। कई यूनिट्स ड्रोन चलाने के लिए इस सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं, जबकि सामान्य बातचीत (कम्युनिकेशन) के लिए वे स्टैंडर्ड स्टारलिंक कनेक्शन का उपयोग करती हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया है कि स्टारशील्ड और स्टारलिंक, दोनों की स्पीड धीमी हो गई है।

मस्क ने क्या कहा?

मस्क ने कहा है कि स्टारशील्ड को पेंटागन नियंत्रित करता है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को यह कहकर उलझन और बढ़ा दी कि स्टारलिंक और स्टारशील्ड दोनों तक पहुंच कौन तय करता है, यह स्पेसएक्स तय करता है।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती रुकावटों की वजह से ड्रोन का कनेक्शन 40 मील प्रति घंटे जैसी कम गति पर भी टूट गया। तब से कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, लेकिन खबरों के अनुसार 100 मील प्रति घंटे से अधिक की गति पर चलने वाले ड्रोन का कनेक्शन अभी भी टूट जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां कुछ ड्रोन मॉडल कम गति पर काम कर सकते हैं, वहीं अन्य को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तेज गति से उड़ना पड़ता है। जेलेंस्की ने कहा कि इन पाबंदियों का असर उन इंटरसेप्टर ड्रोन पर भी पड़ा है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाने वाले रूसी ड्रोन को मार गिराने के लिए किया जाता है।

यूक्रेन तलाश रहा विकल्प

यूक्रेन अब अपने ड्रोन को संचालित करने के लिए दूसरे विकल्पों की तलाश कर रहा है, क्योंकि उसे डर है कि सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर फिर से पाबंदी लग सकती है या इसे पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। सैन्य कमांडरों का कहना है कि इन विकल्पों की तलाश के कारण सैनिकों का ध्यान युद्ध के मैदान के अभियानों से भटक रहा है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका ने जानबूझकर सैटेलाइट सेवाओं पर पाबंदी लगाने की बात से इनकार किया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगा है कि स्टारशील्ड और स्टारलिंक पर पाबंदियां लगाने का आदेश किसने दिया और क्यों दिया। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि यूक्रेन में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ट्रंप ने भी किसी भी बदलाव के लिए जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि यह मैंने नहीं किया और जहां तक मैं समझता हूं, यह वैसा ही है जैसा हमेशा से रहा है। एक दिन बाद रुबियो ने कहा कि यूक्रेन में स्टारलिंक की गति धीमी होने की घटना एक तरह से हुई थी, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि मेरी जानकारी के अनुसार, अब इसे बहाल कर दिया गया है।

जेलेंस्की ने स्टारशील्ड में किए गए बदलावों को एक सुनियोजित अभियान बताया है। रविवार को एनबीसी के मीट द प्रेस कार्यक्रम में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप और सेक्रेटरी रुबियो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रशासन में किसी ने भी ऐसा नहीं किया है। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति जेलेंस्की का इस तरह का आरोप लगाना बहुत गैर-जिम्मेदाराना है।"

इस मुद्दे पर अमेरिकी सांसदों ने भी अपनी पार्टी से ऊपर उठकर आलोचना की है और ट्रंप प्रशासन से यूक्रेन की सैटेलाइट कनेक्टिविटी को बहाल करने की मांग की है। मंगलवार को जेलेंस्की ने बताया कि उन्होंने रुबियो के साथ स्टारशील्ड, मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी और रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणालियों (अर्ली वार्निंग सिस्टम) में हाल ही में आई रुकावटों के बारे में गहन चर्चा की।

युद्ध के मैदान पर दिख रहा असर

वॉशिंगटन से आ रहे विरोधाभासी बयानों के बावजूद, यूक्रेनी कमांडरों का कहना है कि इन पाबंदियों का असर युद्ध के मैदान में साफ तौर पर देखा जा सकता है। ब्रिगेडियर जनरल एंड्री बिलेट्सकी ने कहा कि यूक्रेनी सेनाएं इन नई पाबंदियों के हिसाब से खुद को ढाल रही हैं।

बिलेट्स्की ने बताया कि पाबंदियां लगने से पहले स्टारशील्ड का इस्तेमाल करने वाले यूक्रेनी ड्रोन एक स्थिर कनेक्शन बनाए रखते हुए 250 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार से उड़ सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही 100 मील प्रति घंटे की गति सीमा तय थी, लेकिन इसे कभी सख्ती से लागू नहीं किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, इससे अमेरिका यह दावा कर सकता है कि सिस्टम के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, भले ही युद्ध के मैदान में यूक्रेनी सेनाओं को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ा हो। बिलेटस्की ने कहा कि भले ही यूक्रेन अपने हमलावर ड्रोनों में बदलाव करके उन्हें तय गति सीमा के भीतर काम करने लायक बना ले, फिर भी रूसी जेट-संचालित हथियारों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन नुकसान की स्थिति में ही रहेंगे।

इन इंटरसेप्टर ड्रोनों को दुश्मन के ड्रोनों को मार गिराने के लिए उनसे भी तेज गति से उड़ना पड़ता है। रूसी जेट-संचालित ड्रोन 100 मील प्रति घंटे से कहीं अधिक तेज गति से उड़ सकते हैं।

यूक्रेनी कमांडरों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उन्हें लगता है कि ये पाबंदियां किसी तकनीकी समस्या के कारण नहीं, बल्कि एक राजनीतिक फैसले के तहत लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि सैनिकों को लंबे समय से यह डर था कि वॉशिंगटन, कीव को कुछ रियायतें देने के लिए मजबूर करने के वास्ते सैटेलाइट कनेक्टिविटी का इस्तेमाल एक दबाव बनाने के हथियार के तौर पर कर सकता है।

ओलेह ने बताया कि पिछले हफ्ते जब उनके ड्रोन आसमान से गिरने लगे तो उन्हें सैनिकों के कई गुस्से भरे फोन आए। सैनिकों ने आनन-फानन में ड्रोनों का रुख मोड़ने और जितना हो सके उतना उपकरण बचाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि सैनिकों को लगा जैसे उन्हें अकेला छोड़ दिया गया है और उनका कहना था कि यूक्रेन को अब अमेरिका को अपना सहयोगी मानना बंद कर देना चाहिए।

बुटुसोव ने कहा, "दुर्भाग्य से स्टारलिंक के बिना बीते इस दिन ने रूस के कई सैनिकों की जान बचाई और उनके कई ट्रक भी सुरक्षित रख लिए।" उन्होंने आगे कहा, "यह हमारे लिए बहुत बड़ी कीमत है और इसमें बहुत ज्यादा खून बहा है। हमारा खून।"

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