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ट्रंप के दामाद का फोन हुआ हैक, सामने आई सऊदी और UAE के साथ सीक्रेट डीलिंग

Published: Fri, 23 Oct 2026 09:09 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर खाड़ी देशों के फंड वाले विदेशी बैंक खातों तक गुप्त पहुंच बनाने का आरोप लगा है।

ट्रंप के दामाद पर लगे आरोप। (फाइल फोटो।)

ट्रंप के दामाद पर लगे आरोप। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. कुशनर पर खाड़ी देशों के फंड वाले गुप्त खाते रखने का आरोप।

  2. डच जासूसों ने फोन निगरानी से लेन-देन का पता लगाया।

  3. कुशनर ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा बताया।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर आरोप है कि व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सलाहकार के पद पर रहते हुए उन्होंने खाड़ी देशों के फंड वाले विदेशी बैंक खातों तक गुप्त रूप से पहुंच बनाई थी।

वैनिटी फेयर की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, डच जासूसों ने उनके फोन की गतिविधियों पर नजर रखी और सऊदी, अमीराती तथा इजरायली नेताओं से जुड़े कथित गुप्त वित्तीय लेन-देन का पता लगाया। माना जा रहा है कि ये लेन-देन ट्रंप के सामने इन नेताओं के एजेंडे को आगे बढ़ाने के बदले में किए गए थे।

ट्रंप के दामाद ने आरोपों का किया खंडन

कुशनर ने इन आरोपों का कड़ा खंडन किया है। उन्होंने इन दावों को बेहद आपत्तिजनक बताया और कहा कि ये पूरी तरह से झूठे हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ये पूरी तरह से मनगढ़ंत बातें हैं जिन्हें खोजी पत्रकारिता के रूप में पेश किया जा रहा है। यह पत्रकारिता नहीं है। यह कल्पना, मनगढ़ंत कहानियों और किसी खास पक्ष के प्रचार का मिश्रण है, जिसे किसी ऐसे व्यक्ति ने लिखा है जो या तो मानसिक रूप से बहुत परेशान है या फिर किसी बुरे इरादे से ऐसा कर रहा है।"

आरोप क्या लगे हैं?

मैथ्यू कोल की आने वाली किताब प्रिंसिस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट के एक अंश पर आधारित इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल के दौरान डच जासूसों ने चुपके से जेरेड कुशनर के आईफोन पर नजर रखी। इस दौरान उन्होंने देखा कि कुशनर संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े एक बैंक खाते का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसमें अजरबैजान के एक बैंक से करोड़ों डॉलर आए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, वतनी अल एमारत फाउंडेशन जो यूएई सरकार द्वारा वित्तपोषित एक चैरिटी संस्था है उसके फर्स्ट अबू धाबी बैंक स्थित खाते में लगभग 750 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए गए थे। बताया जाता है कि इस खाते पर कुशनर के हस्ताक्षर थे लेकिन वे इस खाते के मालिक नहीं थे। इस खाते की देखरेख बैंक के चेयरमैन और यूएई के शासक मोहम्मद बिन जायद के भाई तहनून बिन जायद करते थे।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस खाते के पीछे बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का हाथ था, क्योंकि वे एक ऐसा फंड बनाना चाहते थे जिससे ट्रंप प्रशासन को उसकी विदेश नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिल सके।

मीडिया आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही यह फंड बनाने का विचार आगे चलकर ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन मिडिल ईस्ट के इन दो शाही लोगों ने कुशनर के लिए दो खातों में कम से कम 2 अरब डॉलर जमा किए थे। एक और बैंक खाता भी था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर सऊदी शाही परिवार के एक सदस्य ने कुशनर के निजी फायदे के लिए 1 अरब डॉलर ट्रांसफर करने के लिए किया था।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने इस ट्रांसफर की व्यवस्था की थी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कुशनर को यह पैसा इजरायल में जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, कुशनर ने इजरायल में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत डेविड फ्रीडमैन के जरिए नेतन्याहू से लेन-देन के बारे में बातचीत की थी। अब तक रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को किसी गलत काम के सबूत के तौर पर साबित नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह लेन-देन ट्रंप के कार्यकाल के पहले दौर में हुआ था।

फिलहाल, 45 वर्षीय कुशनर विशेष दूत स्टीव विटकोफ के साथ मिलकर राष्ट्रपति की शांति-स्थापना टीम के एक हिस्से के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी शादी राष्ट्रपति की बेटी इवांका ट्रंप से हुई है।

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