मिड टर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन को हो सकता है नुकसान, फिर भी ट्रंप और वेंस ने क्यों किया रामास्वामी का समर्थन?
रिपब्लिकन पार्टी में हंगामे के बावजूद डोनल्ड ट्रंप और जेडी वेंस ने ओहियो के गवर्नर पद के लिए विवेक रामास्वामी का समर्थन किया है।

ट्रंप ने किया रामास्वामी का समर्थन।
HighLights
ट्रंप और वेंस ने रामास्वामी के विवादित विज्ञापन का समर्थन किया।
विज्ञापन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन के अतीत पर सवाल।
रिपब्लिकन नेताओं ने विज्ञापन को 'घटिया' और 'हद पार' बताया।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। रिपब्लिकन पार्टी में मचे हंगामे के बावजूद डोनल्ड ट्रंप और जेडी वेंस ने ओहियो के गवर्नर पद के लिए भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी का समर्थन किया है। यह मामला रामास्वामी के चुनाव प्रचार के एक विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी के बचपन में हुए यौन शोषण के दर्द को नजरअंदाज किया गया है और उसे कम करके दिखाया गया है।
इस विवादित विज्ञापन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन की मां डोना आर्थर दिखाई देती हैं। वह अपनी बेटी पर अपने अतीत के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाती हैं और मतदाताओं से अपील करती हैं कि वे उसे गवर्नर न चुनें। यह बचपन में बेघर होने और दुर्व्यवहार के बारे में एक्टन के दावों पर सवाल उठाता है, लेकिन उनके परिवार में दूरियां आने के पीछे के कारणों के बारे में कुछ नहीं बताता।
सौतेले पिता पर यौन शोषण का आरोप
60 वर्षीय एक्टन ने बताया है कि बचपन में उनके सौतेले पिता ने उनका यौन शोषण किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मां ने उन्हें बचाने के बजाय उस व्यक्ति के साथ रहना जारी रखा। उन्हें और उनके भाई को उनकी मां की कस्टडी से हटा दिया गया था और एक्टन का कहना है कि उन्होंने बचपन के बाद से अपनी मां को नहीं देखा है।
उनके भाई फिलिप स्टर्न्स ने उनके बयान का समर्थन किया है। अदालती रिकॉर्ड से बचपन के आघात (ट्रॉमा) की अहम बातों की पुष्टि होती है और एक्टन ने इस विज्ञापन को शोषणकारी और बहुत ज्यादा दुख पहुंचाने वाला बताया है।
ट्रंप ने किया राधास्वामी का समर्थन
ट्रंप ने शुरुआत में इस विज्ञापन के बारे में अनभिज्ञता जताई थी लेकिन बाद में उन्होंने जोर-शोर से इसका समर्थन किया। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने इसे बहुत प्रभावशाली बताया और पूछा, "ऐसा विज्ञापन कौन इस्तेमाल नहीं करेगा?"
उन्होंने इस विवाद को इस बात का सबूत बताया कि प्रेस एक असरदार राजनीतिक हमले को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, ओहायो से सीनेटर चुने गए और बाद में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने वेंस ने रिपब्लिकनों से कहा कि वे इस बारे में शिकायत करना बंद करें और चुनाव जीतने पर ध्यान दें।
विज्ञापन से रिपब्लिकन परेशान
पहले से ही बैकफुट पर खेल रहे रिपब्लिकन को इस विज्ञापन ने परेशान कर दिया है। उनके हाथ से हाउस और सीनेट दोनों के जाने का खतरा है। उनका मानना है कि यह विज्ञापन आज के दौर के नकारात्मक प्रचार (नेगेटिव कैंपेनिंग) के मानकों के हिसाब से भी हद पार करने वाला है।
राधास्वामी का समर्थन कर चुके ओहियो के निवर्तमान गवर्नर माइक डीवाइन ने इस विज्ञापन को पूरी तरह गलत बताया और अभियान दल से इसे हटाने की अपील की। रिपब्लिकन पार्टी की पूर्व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार और साउथ कैरोलिना की गवर्नर निक्की हेली ने भी रामास्वामी की आलोचना की। उन्होंने कहा, "वह एक बुरे इंसान हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विवाद ने उनके बारे में दी गई उनकी पुरानी चेतावनियों को सही साबित कर दिया है।
लेकिन सबसे तीखी आलोचना साउथ कैरोलिना की सांसद नैन्सी मेस की ओर से आई। उन्होंने खुद के साथ हुए यौन शोषण के अनुभव के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है और वे उन केवल चार रिपब्लिकन नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने एपस्टीन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग में डेमोक्रेट्स का साथ दिया है।
मेस ने कहा, "विवेक के मामले में बात यह है कि वह उस विज्ञापन के बिना भी जीत सकते थे। यह बहुत ही घटिया है। शालीनता का स्तर पहले ही काफी नीचे है, लेकिन विवेक ने तो इस देश में शालीनता के सबसे निचले स्तर को भी पार कर लिया है।" उन्होंने आगे कहा कि जो कोई भी इसका बचाव कर रहा है उसे अपना दिमाग चेक कराने की जरूरत है।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "यह बहुत ही असामान्य स्थिति है कि कोई मां अपनी बेटी से इतनी नफरत करे लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसका विवेक से कोई लेना-देना है।" उन्होंने मां के आरोपों को तो स्वीकार कर लिया लेकिन एक्टन के बचपन में हुए यौन शोषण के दावों पर कोई बात नहीं की।
ट्रंप ने कहा, "प्रेस सबको यह यकीन दिलाने की कोशिश कर रही है कि यह विज्ञापन खराब है, जबकि असल में यह बहुत बढ़िया है! भला ऐसा विज्ञापन कौन इस्तेमाल नहीं करेगा? मैं तो जरूर करता। इसे ही कहते हैं बड़ी कामयाबी हाथ लगना।"
किस करवट बैठेगा ऊंट?
इस विज्ञापन विवाद के राजनीतिक नतीजे ओहियो में गवर्नर पद की दौड़ से कहीं आगे तक जा सकते हैं, जहां रामास्वामी अब एक्टन से पीछे चल रहे हैं। इससे रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड की स्थिति भी कमजोर हो सकती है, जो डेमोक्रेट शेरॉड ब्राउन के खिलाफ अपनी सीट बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। ब्राउन एक पूर्व सीनेटर हैं, जिन्होंने 1970 के दशक में कॉलेज के दिनों में भारत की यात्रा की थी और उन्हें स्थानीय भारतीयों का समर्थन भी हासिल है।
ओहियो का यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रंप के लिए राजनीतिक हालात बिगड़ रहे हैं। रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए आक्रामक तरीके से प्रचार करने का उनका फैसला अब उनके लिए ही दोधारी तलवार बन गया है।
हाल के दिनों में अपनी रैलियों में ट्रंप ने अपनी पुरानी शैली को ही जारी रखा है, जिसमें शिकायतें, व्यक्तिगत हमले, डींगें मारना और मुख्य मुद्दों से भटककर इधर-उधर की बातें करना शामिल है। यह सब उनके कट्टर 'MAGA' समर्थकों को तो पसंद आता है, लेकिन इससे उदारवादी मतदाता दूर हो रहे हैं।
हाउस में रिपब्लिकन के पास 218-214 और सीनेट में 53-47 की बढ़त है। ऐसे में अगर वे 3-4 सीटें भी गंवा देते हैं तो वाशिंगटन डीसी में बड़ी उथल-पुथल मच जाएगी।
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