मास्‍को, एजेंसियां। रूस और ब्रिटेन में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। ब्रिटेन में कोरोना के डेल्‍टा वैरिएंट में हुआ बदलाव महामारी की भयावहता का अहसास करा रहा है। जान हापकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले 24.36 करोड़ को पार कर गए हैं जबकि महामारी से मरने वालों की संख्‍या 49.4 लाख से अधिक हो गई है। समाचार एजेंसी आइएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका अब भी दुनिया में सबसे अधिक मामलों 45,444,228 और 735,930 मौतों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है।

रूस में 1,069 लोगों की मौत

रूस में सोमवार को कोरोना 37,930 नए मामले सामने आए जो महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक संख्या है। वहीं बीते 24 घंटे में महामारी से 1,069 लोगों की मौत हो गई। यह सप्ताहांत के 1,075 के रिकार्ड से थोड़ा कम है। महामारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में लाकडाउन लगाने की नौबत आ गई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लोगों से 30 अक्टूबर और सात नवंबर के बीच काम पर नहीं जाने को कहा है। रूस में यह एक लंबा अवकाश होगा जिससे मामलों में कमी आने की उम्‍मीद है।

अवकाश के दौरान सबकुछ बंद 

राष्‍ट्रपति पुतिन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि देश के 85 क्षेत्रों में जहां स्थिति विशेष रूप से गंभीर है कामकाज रोका जा सकता है। यही नहीं यदि हालात काबू में नहीं आते तो छुट्टियां सात नवंबर के बाद भी बढ़ाई जा सकती हैं। अवकाश के दौरान प्रमुख बुनियादी ढांचे और कुछ अन्य को छोड़कर अधिकांश सरकारी संगठनों और निजी व्यवसायों में काम बंद रहेगा। मास्‍को में गुरुवार से ही अवकाश दिए जाने की योजना है। स्कूलों के साथ ही जिम, ज्यादातर मनोरंजन स्थल और स्टोर 11 दिन बंद रखे जाएंगे।  

पाबंदियों से प्रकोप में राहत की उम्‍मीद 

रूस में अब तक कोरोना के 82 लाख से ज्‍यादा मामले सामने आ चुके हैं जबकि महामारी से 2,31,669 लोगों की मौत हुई है। यूरोप में रूस ही वह मुल्‍क है जहां महामार से सबसे ज्‍यादा लोगों की मौत हुई है। रूस महामारी से हुई मौतों के मामले में अमेरिका, ब्राजील, भारत और मेक्सिको के बाद दुनिया में पांचवें पायदान पर है। रूसी अधिकारियों को उम्मीद है कि लोगों को लंबे वक्‍त तक कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन से दूर रखकर महामारी पर काबू पाने में मदद मिलेगी। हालांकि बंदी के दौरान खाद्य सामग्री और दवा दुकानें खुली रहेंगी।

चीन के गांसू प्रांत के सभी पर्यटन स्थल बंद

कोरोना के बढ़ते मामलों ने चीन को एक बार फिर चिंता में डाल दिया है। उत्तर-पश्चिमी चीन के गांसू प्रांत में कोविड-19 के नए मामले सामने आने के बाद सोमवार को वहां के सभी पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया। बीजिंग में संक्रमितों की कुल संख्या 21 होने पर राष्ट्रीय राजधानी के एक हिस्से को कोविड के लिए मध्यम जोखिम वाला क्षेत्र एवं एक आवासीय परिसर को उच्च जोखिम वाला क्षेत्र घोषित किया गया।

लोगों को घरों में रहने के निर्देश

बीजिंग के सेंटर फार डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डिप्टी डायरेक्टर पैंग जिंघुओ ने बढ़ते मामलों के लिए डेल्टा वैरिएंट को जिम्मेदार ठहराया है। पैंग ने कहा कि यह वैरिएंट 55 साल से अधिक उम्र के लोगों पर ज्यादा असर छोड़ रहा है। बीते 24 घंटे में संक्रमण के स्थानीय स्तर पर फैलने के 35 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से चार गांसू के हैं। इनर मंगोलिया क्षेत्र में संक्रमण के 19 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद लोगों को घरों में ही रहने का आदेश दिया गया है। कुछ प्रांतों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

बीजिंग मैराथन स्थगित, विंटर ओलिंपिक पर संशय

कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए बीजिंग मैराथन को अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। चीन ने पिछले 24 घंटों में 11 प्रांतों में 133 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। बताया जाता है कि ये सभी मामले डेल्टा वैरिएंट से जुड़े हैं। मालूम हो कि साल 1981 से हर साल आयोजित होने वाली बीजिंग मैराथन चीन के सबसे बड़े स्थानीय खेल आयोजनों में से एक है। फरवरी में होने वाले बीजिंग विंटर ओलिंपिक पर भी संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इस आयोजन में अन्य देशों के दर्शकों पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।

तीन साल के बच्चों का होगा टीकाकरण

कोरोना की नई लहर को लेकर दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चीन तीन से 11 साल तक के बच्चों का टीकाकरण शुरू करने जा रहा है। पांच प्रांतीय सरकारों ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। चीन अपनी 76 फीसद आबादी के टीकाकरण का दावा करता है।

ब्रिटेन में एक दिन में 39,962 मामले सामने आए

ब्रिटेन में रविवार को एक दिन में कोरोना संक्रमण के 39,962 मामले सामने आए जबकि 72 लोगों की महामारी से मौत हो गई। ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के अब तक 8,773,674 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 139,533 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन में डेल्टा प्लस वैरिएंट कहर बरपा रहा है। कोरोना का डेल्टा स्ट्रेन का सब-स्ट्रेन डेल्टा-प्लस (असली नाम एवाय-4.2) बेहद घातक बताया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके संक्रमण की क्षमता मुख्य डेल्टा वैरिएंट से 15 फीसद अधिक है।