वाशिंगटन, एपी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चर्चों और अन्य धार्मिकस्थलों  को 'आवश्यक' बताते हुए कई राज्यों में जारी लॉकडाउन के बीच देशभर के गवर्नरों को इस सप्ताह के अंत में इन्हें खोलने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने आदेश न मानने पर कार्रवाई की भी धमकी दी। पूरे विश्व में अमेरिका कोरोना वायरस (COVID-19)से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। अमेरिका में अब तक 16 लाख से ज्यादा केस सामने आ गए हैं।वहीं संक्रमण से मरनेवालों की संख्या एक लाख के करीब पहुंच गई है। 

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि गवर्नरों को सही काम करने की आवश्यकता है और आस्था के इन महत्वपूर्ण आवश्यक स्थानों को अभी खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। समाचार एजेंसी एपी ने जानकारी दी कि ट्रंप ने यह बात व्हाइट हाउस में जल्दबाजी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। 

आर्थिक गिरावट से बचने के लिए ट्रंप लगातार देश को खोलने पर जोर दे रहे हैं। बता दें कि नंवबर में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। समाचार एपी के अनुसार व्हाइट क्रिश्चियन प्रचारक राष्ट्रपति के सबसे वफादार समर्थकों में से एक रहे हैं और व्हाइट हाउस ने इस संकट के दौरान उनकी चिंताओं में को लेकर सावधान रहा है।  

धार्मिक स्थल को खोलने को लेकर नए दिशानिर्देश जारी

ट्रंप की घोषणा के बाद, सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा धार्मिक स्थल को खोलने को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए गए। इसमें सभाओं के सीमित संख्या में आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों ने आमतौर पर लोगों को 10 से अधिक लोगों की सभाओं से बचने की सलाह दी है और एक दूसरे से 6 फीट की दूरी बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया है।

ट्रंप को मिल सकता है फायदा

व्हाइट हाउस से परिचित एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी एपी को बताया कि ट्रंप द्वारा बुलाया गया यह समाचार सम्मेलन उनके सार्वजनिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था। वे चर्च खुलने का श्रेय लेना चाहते थे, क्योंकि वे जानते हैं कि इससे उन्हें राजनीतिक फायदा हो सकता है।

Posted By: Tanisk

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