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'जेन डो' के समर्थन में उतरे कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के छात्र, बलात्कार के खिलाफ निकाली रैली

Published: Tue, 06 Oct 2026 02:24 PM (IST)

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के साथ कथित गैंगरेप के विरोध में छात्रों ने विशाल रैली निकाली, जिसमें यौन हिंसा ...और पढ़ें

बलात्कार पीड़िता 'जेन डो' के समर्थन में उतरे कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के छात्र(फोटो: रॉयटर्स)

बलात्कार पीड़िता 'जेन डो' के समर्थन में उतरे कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के छात्र(फोटो: रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका की प्रतिष्ठित आइवी लीग यूनिवर्सिटी कॉर्नेल में एक छात्रा के साथ कथित गैंगरेप के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में और पीड़िता के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए सोमवार को यूनिवर्सिटी परिसर में एक विशाल रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस में बढ़ती यौन हिंसा के खिलाफ संस्थान से कड़े और ठोस कदम उठाने की मांग की।

रैली के दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के ढुलमुल रवैये की कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि पूरे मामले की किसी बाहरी और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। इसके साथ ही, कैंपस में होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए निष्पक्ष सुनवाई और अनिवार्य न्यूनतम सजा का नियम तय किया जाए।

छात्रों ने शिकायतों पर संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई के लिए कैंपस पुलिस को बेहतर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष माइकल कोटलिकॉफ सहित प्रशासनिक अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की, और आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियां परिसर में यौन अपराधों को बढ़ावा दे रही हैं।

Cornell University students rally in support of Jane Doe

क्या है पूरा मामला?

जेन डो जो एक काल्पनिक नाम के रूप में पहचानी गई 20 वर्षीय छात्रा ने पिछले महीने इस मामले में एक दीवानी मुकदमा दायर किया था। याचिका के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2024 की है, जब उन्हें नशीला पदार्थ और शराब देकर बेसुध कर दिया गया और फिर ची फाई फ्रेटरनिटी के कई सदस्यों ने उनके साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया।

पीड़िता ने मुकदमे में फ्रेटरनिटी के सात सदस्यों, उसके स्थानीय चैप्टर, एक स्थानीय बार, अपनी खुद की सोरोरिटी और यूनिवर्सिटी प्रशासन को प्रतिवादी बनाया है।

घटना के कुछ हफ्तों बाद जब मामला पुलिस तक पहुंचा, तो आंतरिक और पुलिस जांच तो हुई, लेकिन स्थानीय अभियोजक ने आपराधिक मामला चलाने से इनकार कर दिया था।

यूनिवर्सिटी की कार्रवाई पर विवाद

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी ने अपने कदमों का बचाव करते हुए कहा कि उसने मूल रिपोर्ट मिलने के बाद ची फाई चैप्टर को तत्काल बंद कर दिया था और आरोपी छात्रों के खिलाफ निष्कासन सहित कई अनुशासनात्मक प्रतिबंध लगाए थे।

दूसरी तरफ, आरोपी छात्रों ने आरोपों को निराधार बताया, कुछ का कहना था कि यह आपसी सहमति से हुआ था, जबकि कुछ ने इस घटना में अपनी उपस्थिति से ही इनकार किया।

हालांकि, याचिका में इस बात की कड़ी आलोचना की गई कि यूनिवर्सिटी ने कुछ आरोपियों को केवल निबंध लिखकर अपनी सजा कम कराने का विकल्प दिया था। इसी के विरोध में छात्रों ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर लिखा था कि जेल की सजा चाहिए, निबंध नहीं।

Cornell University students rally

नए सिरे से आपराधिक जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने स्थानीय प्रशासन के शुरुआती रवैये पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने राज्य की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स को विशेष अभियोजक नियुक्त कर मामले की नए सिरे से आपराधिक जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। गवर्नर के इस कदम से मामले में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जगी है।

सोमवार को हुए मार्च में करीब एक हजार से अधिक छात्र, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ, लेकिन सुबह के समय अज्ञात लोगों ने यूनिवर्सिटी की मुख्य प्रशासनिक इमारत के शीशे तोड़ दिए और दीवार पर कॉर्नेल में बलात्कारियों को बचाया जाता है जैसे नारे लिख दिए।

वहीं, सोशल मीडिया पर भी '#IamJaneDoe' अभियान के तहत न्याय की मांग तेज हो गई है। विवाद गहराने के बाद यूनिवर्सिटी अध्यक्ष माइकल कोटलिकॉफ ने एक वीडियो संदेश में कैंपस में सभी फ्रेटरनिटी और सोरोरिटी समूहों की भूमिका की गहन समीक्षा करने का वादा किया है और साफ किया कि किसी समूह से जुड़ाव किसी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी को कम नहीं करता।

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