टोरंटो, एजेंसी। कनाडा की सेना ने अपने सैन्‍य हेलीकॉप्‍टर की तलाशी अभियान के लिए अमेरिकी नौसेना की मदद ली है। यह हेलीकॉप्‍टर नौ दिन पूर्व ग्रीस के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। कनाडा सेना के लेफ्टिनेंट जनरल माइक राउलू एक प्रेस संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि अमेरिकी नौसेना की अपार क्षमता को देखते हुए सेना ने इस अभियान में उसकी मदद ली है। कनाडा ने साफ किया कि हेलीकॉप्‍टर के अवशेष समुद्र तल से 3000 मीटर की गहराई में पड़ा है। कनाडा के पास इतनी गहराई में उतरने की तकनीकी क्षमता नहीं है।

रूलेउ ने कहा कि कनाडाई सेना ने सैन्‍य हेलीकॉप्‍टर की दुर्घटना के नौ दिनों के भीतर अमेरिकी नौसेना का सहयोग हासिल किया है। कनाडाई सेना ने 15 मई से अमेरिकी नौसेना की गहरी-पनडुब्बी और विशेषज्ञों की मदद से हेलीकॉप्‍टर के अवशेष को निकालने का काम चल रहा है।

इस अभियान में कनाडाई जांचकर्ताओं के साथ-साथ यूएस नेवल सी सिस्टम्स कमांड और द ऑफिस ऑफ सुपरवाइजर ऑफ सलवेज एंड डाइविंग के विशेषज्ञों की टीम जुटी है। सेना का कहना है कि अगले सप्ताह रिकवरी मिशन शुरू करने की उम्मीद है। जांच में अमेरिकी कर्मियों की सहायता के बावजूद कनाडाई बलों के सदस्य भी इसमें हिस्‍सा लेंगे।

उधर, हादसे के कारणों को लेकर एक विशेषज्ञ टीम इस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि एचएमसीएस फ्रेडरिक्टन में सवार एक रॉयल कैनेडियन नेवी सिकोरस्की सीएच-148 बुधवार को ग्रीस के तट पर  लापता हो गया था।  हादसे के समय फ्रिगेट इतालवी और तुर्की जहाजों के साथ प्रशिक्षण अभ्यास में व्यस्त था। रक्षा स्टाफ के प्रमुख जोनाथन वेंस के अनुसार यह सैन्‍य हेलीकॉप्टर ऑपरेशन रीसर्च का हिस्सा था, जो मध्य और पूर्वी यूरोप में एक नाटो मिशन के तहत तैनात था।

 

Posted By: Ramesh Mishra

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