विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लंदन में टॉयलेट साफ करने वाला बना पाकिस्तान का 'संकटमोचक', ट्रंप परिवार के जरिए व्हाइट हाउस में की बैकडोर एंट्री

Published: Tue, 31 Mar 2026 03:33 PM (GMT+05:30)

क्रिप्टो कारोबारी बिलाल बिन साकिब ने ट्रंप परिवार से निजी संबंधों के दम पर पाकिस्तान को अमेरिका के साथ कूटनीतिक ...और पढ़ें

लंदन में टॉयलेट साफ करने वाला बना पाकिस्तान का 'संकटमोचक' (Photo- Bilal Bin Saqib/Instagram)

लंदन में टॉयलेट साफ करने वाला बना पाकिस्तान का 'संकटमोचक' (Photo- Bilal Bin Saqib/Instagram)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान अपनी तमाम नापाक हरकतों के बावजूद 'बैक डोर' नीति के सहारे अमेरिका का करीबी बन रहा है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध में भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पाक सरकार को जरूरत से ज्यादा अहमियत दिया जा रहा है।

दरअसल, बिलाल बिन साकिब नाम के एक क्रिप्टो कारोबारी ने ट्रंप प्रशासन के साथ ऐसी सेटिंग की है, जिसके दम पर ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान के लिए वाइट हाउस के बंद दरवाजे खोल दिए।

बिलाल बिन साकिब ने अपनी कंपनी 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' के जरिए पाकिस्तान को वो कूटनीतिक बढ़त दिलाई है, जिसे पाने में बड़े-बड़े एक्सपर्ट विफल रहे थे।

कभी लंदन में साफ करता था शौचालय

कभी लंदन के स्टोर में शौचालय साफ करने और मजदूरी करने वाले बिलाल बिन साकिब ने अपनी डिजिटल ताकत और ट्रंप परिवार के साथ निजी रिश्तों के दम पर इस्लामाबाद के लिए व्हाइट हाउस के बंद दरवाजे खोल दिए हैं। आज बिलाल बिन साकिब को 'क्रिप्टो ब्रो' के नाम से जाना जाता है।

बिलाल बिन साकिब आज पाकिस्तान की गुप्त रणनीति के मास्टरमाइंड बनकर उभरे हैं, जिसने ट्रप परिवार के साथ सीधे संबंध बनाए हैं, साकिब ने जिसने अपनी कंपनी 'वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल' के जरिए पाकिस्तान को वो कूटनीतिक बढ़त दिलाई है, जिसे पाने में बड़े-बड़े एक्सपर्ट विफल रहे थे।

ट्रंप के बेटे का इस्लामाबाद में स्वागत

साकिब ने अपनी कंपनी के जरिए ट्रंप के बेटे जेफरी विटकॉफ को इस्लामाबाद तक लाया, जहां ट्रंप के बेटे का स्वागत राजकीय अतिथि की तरह किया गया। पाकिस्तानी कारोबारी द्वारा ट्रंप के बेटे से इस निजी रिश्ते का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि पाकिस्तान अब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में मेडिएटर बनकर उभर रहा है।

यही नहीं इस निजी रिश्ते के चलते पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन से अपनी उन पुरानी मांगों को मनवाया है, जिसमें बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को अमेरिकी आतंकवादी सूची में डलवाना और पाकिस्तानी उत्पादों पर भारी टैरिफ कटौती शामिल है।

पाकिस्तान ने अपनी दिवालिया अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ट्रंप के व्यापारिक हितों को अपनी राष्ट्रिय हितों से जोड़ दिया है। न्यूयॉर्क के रूजवेल्ट होटल सौदे से लेकर क्रिप्टो माइनिंग के लिए ग्रिड का 5% हिस्सा समर्पित करने तक, इन सबके पीछे बिलाल बिन साकिब की रणनीति काम कर रही है।

यह भी पढ़ें- 'ट्रंप का भरोसेमंद पाकिस्तान आतंकियों का पनाहगाह', अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट में खुलासा