वाशिंगटन, एपी: राष्ट्रपति जो बाइडन ने स्वीकार किया है कि कोविड-19 महामारी के कारण अमेरिकावासी थक चुके हैं और उनका मनोबल भी काफी कम हुआ है। हालांकि, बाइडन ने यह भी दावा कि इससे निपटने के लिए उन्होंने 'काफी बेहतर' तरीके से काम किया है।बाइडन ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के एक वर्ष पूरा होने के मौके पर बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'संसद में गतिरोध को तोड़ने, मुद्रास्फीति व वैश्रि्वक महामारी से निपटने के लिए हमें अपने आर्थिक पैकेज के बड़े हिस्से के साथ समझौता करना पड़ सकता है।'

बाइडन ने रिपब्लिकन पर साधा निशाना

बाइडन ने मुद्रास्फीति, महामारी व कीमतों की अस्थिरता पर प्रहार जारी रखने का वादा करते हुए विपक्षी रिपब्लिकन पर आरोप लगाया कि वे अपनी राय रखने के बजाय सरकार के प्रस्तावों का विरोध करने के लिए एकजुट होते हैं। बाइडन के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण दौर है, क्योंकि देश कोरोना महामारी की चपेट में है और मुद्रास्फीति पीढ़ियों के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है। जब बाइडन ने शपथ ली थी, तब मुद्रास्फीति दर 1.7 प्रतिशत थी, जो अब सात फीसद हो गई है। इसके बावजूद, बाइडन ने कहा कि उनके एजेंडे की महत्वपूर्ण योजनाएं इस साल होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले पारित हो जाएंगी और अगर मतदाताओं को सभी जानकारियों से अवगत कराया गया, तो वे डेमोक्रेट का समर्थन करेंगे।

बाइडन ने एक साल की उपलब्धियां गिनाईं

व्हाइट हाउस में करीब एक घंटे 50 मिनट चले संवादादात सम्मेलन की शुरुआत बाइडन ने कोरोना वायरस से निपटने की दिशा में शुरुआती प्रगति, महत्वाकांक्षी द्विदलीय सड़क एवं पुल बुनियादी ढांचा सौदे के त्वरित तरीके से पारित होने जैसी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए की। हालांकि, बाइडन के आर्थिक, मतदान के अधिकार, पुलिस सेवा में सुधार और आव्रजन एजेंडा सहित कई लक्ष्यों को सीनेट में झटका लगा है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी के पास बहुमत नहीं है। बाइडन ने मुश्किल हालात में बेहतर प्रदर्शन का दावा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में 60 लाख नई नौकरियां सृजित की हैं, जिसके कारण बेरोजगारी दर में 3.9 फसीद की कमी आई है।

चीन से प्रतिबंध खत्म करने के लिए तैयार नहीं

एएनआइ के अनुसार, बाइडन ने कहा कि अमेरिकी कारोबारियों की तरफ से कर में राहत की मांग किए जाने के बावजूद वह चीन पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई इस दिशा में सही काम कर रही हैं, लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। अमेरिका ने हांगकांग व शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन का हवाला देते हुए हाल में भी चीन पर आयात संबंधी प्रतिबंध लगाए हैं।

वर्ष 2024 में भी कमला हैरिस साथ लड़ेंगी चुनाव

बाइडन ने कहा कि अगर वे वर्ष 2024 में भी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ते हैं, तो भारतवंशी कमला हैरिस निश्चित रूप से उप राष्ट्रपति पद की दावेदार होंगी। दरअसल, मीडिया ने उनसे पूछा था कि क्या वह मताधिकार के मुद्दे पर हैरिस के काम से खुश हैं और क्या उन्हें अगले चुनाव में एक बार फिर टिकट देंगे।

Edited By: Amit Singh