विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एडिटेड एपिसोड चलाने के लिए ट्रंप से बीबीसी ने मांगी माफी, मु्आवजे की मांग ठुकराई; क्या है वजह?

Published: Fri, 14 Nov 2025 08:15 AM (IST)

बीबीसी ने अपने कार्यक्रम पैनोरामा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से माफी मांगी है, लेकिन मुआवजे की मांग को ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. बीबीसी ने ट्रंप से मांगी माफी

  2. मुआवजे की मांग को किया खारिज

  3. मानहानि का दावा बताया निराधार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और बीबीसी के बीच चल रहे विवाद के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। बीबीसी ने अपने इंवेस्टिगेटिव प्रोग्राम पैनोरामा के लिए ट्रंप ने माफी मांगी है। हालांकि, इस दौरान बीबीसी ने ट्रंप की मुआवजे की मांग को खारिज कर दिया।

दरअसल, बीबीसी ने कहा कि इस मामले में मानहानि का कोई आधार नहीं है। बीबीसी के चेयरपर्सन समीर शाह ने व्हाइट हाउस को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा कि गया कि बीबीसी इस दुर्भाग्यपूर्ण गलती के लिए क्षमा चाहते हैं।

बीबीसी ने अपनी माफीनामा में क्या कहा?

अपने माफीनामा में बीबीसी ने कहा कि हम यह मानते हैं कि एडिटेड स्पीच लोगों के बीच अनजाने में यह धारणा पैदा कर दी गई कि वे पूरा भाषण देख और सुन रहे थे। जबकि उस भाषण के अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर तैयार किया गया था। इससे लगा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यूएस कैपिटल हिल पर धावा बोलने के लिए अपने समर्थकों को उकसाया था।

मानहानि के दावे को बीबीसी ने बताया निराधार

वहीं, इस पत्र में बीबीसी की ओर से कहा गया कि वह इस डॉक्यूमेंट्री को किसी भी प्लेटफॉर्म पर दोबारा नहीं प्रसारित करेगा। बीबीसी ने आगे कहा कि इस वीडियो एडिटिंग पर हमें गहरा अफसोस है, लेकिन हम दृढ़ता से असहमत हैं कि इसमें मानहानि के दावे का कोई आधार नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 6 जनवरी, 2021 के यूएस कैपिटल हिल दंगे से कुछ घंटे पहले दिए गए अपने भाषण के साथ छेड़छाड़ प्रसारित करने के मामले में 9 नवंबर को बीबीसी को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी। इसके बाद ट्रंप ने बीबीसी से माफी मांगने, अपनी डॉक्यूमेंट्री को सभी प्लेटफॉर्म से वापस लेने और मुआवजे की मांग की थी। (समाचार एजेंसी एपी के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़े: 'तीसरे बाजार की तलाश तेज', अमेरिकी टैरिफ से भारत जैसे देशों पर कोई खास असर नहीं; रिपोर्ट में खुलासा

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने यूरोप के चार समूहों को आतंकी घोषित किया, दुनियाभर के अन्य संगठनों पर भी होगी कार्रवाई