क्या AI में चेतना है? एंथ्रोपिक ने क्लॉड के साथ 'क्रूर व्यवहार' पर लगाई रोक
AI में चेतना की वैश्विक बहस के बीच एंथ्रोपिक ने अपने AI सिस्टम क्लॉड के प्रति यूजर्स के क्रूर व्यवहार ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। एंथ्रोपिक ने गुरुवार को यूजर द्वारा अपने AI सिस्टम क्लॉड के साथ क्रूर व्यवहार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब एआई में चेतना होने या न होने को लेकर वैश्विक बहस तेज हो गई है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित इस AI रिसर्च लैब ने अपनी उपयोग नीति को अपडेट करते हुए मॉडल्स के प्रति लगातार और बिना वजह अपमानजनक या क्रूर व्यवहार को प्रतिबंधित कर दिया है। नई नीति के अनुसार, ऐसे दुर्व्यवहार वाले संवादों को खुद समाप्त करने की क्लॉड की क्षमता ही इस नियम को लागू करने का मुख्य माध्यम रहेगी।
AI में चेतना पर बहस
यद्यपि एंथ्रोपिक और उसके वरिष्ठ अधिकारी सार्वजनिक रूप से मॉडल वेलफेयर यानी AI प्रणालियों को जीवित प्राणियों की तरह सुरक्षा देने का विचार पर विचार कर चुके हैं, लेकिन इस नीति अपडेट में इसका सीधा उल्लेख नहीं है। कंपनी ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पिछले साल एंथ्रोपिक ने क्लॉड को लगातार हानिकारक या अपमानजनक यूजर इंटरैक्शन के दुर्लभ मामलों में बातचीत समाप्त करने की क्षमता दी थी। फरवरी में कंपनी के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा था कि हम नहीं जानते कि मॉडल चेतन हैं या नहीं। लेकिन हम इस विचार के लिए तैयार हैं कि ऐसा हो सकता है।
आईना या चेतना का जाल?
एएफपी के अनुसार, अटलांटा की AI सेवा प्रदाता कंपनी स्पार्क के जनरल मैनेजर जैक्सन स्टैकमैन ने सवाल उठाया कि क्या चेतना सही दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि चेतना एक जाल है। हम मनुष्यों में भी इसे साबित नहीं कर सकते। AI के लिए इस पर बहस करेंगे तो गोल-गोल घूमते रहेंगे।
उन्होंने AI को इंसानी इनपुट को दर्शाने वाला एक बड़ा आईना बताया और कहा कि एंथ्रोपिक की नीति में बदलाव को सही ठहराने के लिए इतना ही काफी है।
पोप और माइक्रोसॉफ्ट AI प्रमुख ने खारिज किया दावा
दूसरी ओर, माइक्रोसॉफ्ट AI के प्रमुख मुस्तफा सुलेमान और पोप लियो XIV ने मशीनी चेतना के विचार को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मुस्तफा सुलेमान ने लिखा कि AI चेतन नहीं हैं। वे न तो कुछ महसूस करते हैं और न ही पीड़ित होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीकी प्रणालियों को अधिकार या नैतिक सुरक्षा देना एक बड़े खतरे को न्योता देना होगा।
वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स बेसिलिका में दिए अपने प्रवचन में पोप ने कहा कि मशीनें केवल तेजी से डेटा एकत्र करती हैं, जबकि इंसानी दिमाग जीवन के उन अनुभवों को याद रखता है जिनके गहरे अर्थ को केवल आत्मा ही महसूस कर सकती है।
