वाशिंगटन, प्रेट्र। पाकिस्तान में इमरान खान सरकार की ओर से भारत के साथ बातचीत की दिखाई जा रही बेकरारी के बीच अमेरिका ने साफ किया है कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है। अमेरिका के मुताबिक, पाकिस्तान अपने यहां फल-फूल रहे आतंकी संगठनों पर कारगर तरीके से लगाम लगाने के बाद ही भारत से बातचीत होने का माहौल तैयार कर सकता है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने भारत से बातचीत का आग्रह करते हुए दूसरा पत्र लिखा है। भारत यह कहते हुए पाकिस्तान से वार्ता की संभावना से इन्कार करता रहा है कि जब तक इस्लामाबाद अपने यहां के आतंकी संगठनों पर कार्रवाई नहीं करता तब तक वार्ता संभव नहीं है।

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका यह देखना चाह रहा है कि पाकिस्तान में आतंकियों की गिरफ्तारी हो और उनके खिलाफ मुकदमे चलाए जाएं। आतंकियों को स्वतंत्र रूप से घूमने, हथियार हासिल करने, भारत में घुसपैठ करने और आतंकी हमलों को अंजाम देने की इजाजत नहीं दी जा सकती। अमेरिकी गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जब तक पाकिस्तान में आतंकी समूहों को समाप्त नहीं किया जाता तब तक भारत और पाकिस्तान के लिए दक्षिण एशिया में शांति का माहौल बनाना बेहद कठिन होगा।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी समूहों के खिलाफ कुछ कदम उठाए गए हैं, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है, खासकर टेरर फंडिंग के मोर्चे पर। पाकिस्तान को ऐसे व्यावहारिक कदम उठाने होंगे जिनसे यह प्रदर्शित हो कि वह आतंकी समूहों को मिलने वाले धन की जड़ को समाप्त कर रहा है।

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Posted By: Nitin Arora