चीन से मंगाकर अमेरिका में बेची डायबिटीज और वजन घटाने वाली नकली दवा, दो भारतीयों पर केस दर्ज
अमेरिका में दो भारतीयों पर चीन से नकली ओजेम्पिक दवा मंगाकर बेचने का आरोप लगा है। यह दवा डायबिटीज और वजन घटाने के लिए इस्तेमाल होती है।

अमेरिका में नकली ओजेम्पिक बेचने के लिए दो भारतीयों पर केस दर्ज।
HighLights
दो भारतीयों पर नकली ओजेम्पिक दवा बेचने का आरोप।
चीन से नकली ओजेम्पिक की खेप मंगाई जाती थी।
आरोपियों को 71 साल तक की जेल हो सकती है।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका में कम से कम दो भारतीयों पर डायबिटीज और वजन घटाने वाली दवा ओजेम्पिक (Ozempic) की नकली खेप की तस्करी और उसे बेचने का आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, फ्लोरिडा के मिडिल डिस्ट्रिक्ट में एक फेडरल ग्रैंड जूरी ने आरोप लगाया है कि आरोपी स्वपनदीप रॉय और विक्की रामंचा और उनके साथियों ने चीन से नकली ओजेम्पिक हासिल की और उसे अमेरिकी डिस्ट्रीब्यूटर्स को कम कीमत पर बेचा।
दूसरा आरोपी फरार
विभाग ने बताया कि आरोपियों में से एक रॉय को इटली से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद टाम्पा, फ्लोरिडा की अदालत में पहली बार पेशी के दौरान उसने खुद को बेगुनाह बताया जबकि दूसरा आरोपी रामंचा अभी भी फरार है।
हो सकती है 71 साल की जेल
अगर दोषी पाए जाते हैं तो दोनों को कुल मिलाकर 71 साल की जेल हो सकती है। कोर्ट के दस्तावेजों से पता चला कि जुलाई 2023 और अप्रैल 2024 के बीच रॉय और रामंचा ने चीन में अनधिकृत स्रोतों से नकली ओजेम्पिक हासिल की।
नकली दवा की पैकेजिंग, उसमें दी जाने वाली जानकारी वाली पर्ची, पेन लेबल और सुइयां ऐसी थीं जिनसे खरीदारों को यह यकीन दिलाया जा सके कि उन्हें असली ओजेम्पिक मिल रही है। ओजेम्पिक वजन घटाने वाली एक लोकप्रिय दवा है, जिसका खर्च मरीजों के लिए हर महीने सैकड़ों डॉलर हो सकता है।
क्या आरोप लगाया गया?
न्याय विभाग ने कहा, "दिसंबर 2023 में एफडीए द्वारा नकली ओजेम्पिक की कुछ खेप जब्त करने और इन उत्पादों के बारे में सार्वजनिक चेतावनी जारी करने के बाद भी यह योजना जारी रही।" रॉय और रामंचा पर नकली दवाएं तस्करी करने और बेचने, साथ ही तस्करी करने और अमेरिका को धोखा देने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया।
जस्टिस डिपार्टमेंट के क्रिमिनल डिवीजन के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ए. टाइसन डुवा ने कहा, "नकली प्रिस्क्रिप्शन दवाएं खासकर आम दवाएं हर उस अमेरिकी की सेहत और सुरक्षा के लिए खतरा हैं जो हमारी फार्मास्युटिकल सप्लाई की विश्वसनीयता पर निर्भर है।"
