संवाद सूत्र,रायगंज:कोरोना के संकट काल में नामाकन शुल्क जमा करने की सूचना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तर दिनाजपुर जिला इकाई के छात्र नेताओं ने रायगंज विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना-प्रदर्शन किया और आमरण अनशन की चेतावनी दी। गुरुवार को संगठन के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के सामने उपकुलपति, रजिस्ट्रार, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के विरोध में नारेबाजी की और नामाकन शुल्क शत प्रतिशत माफ करने की माग की। विश्वविद्यालय बंद रहने के कारण इमेल के माध्यम से मागों की प्रतिलिपि उपकुलपति और रजिस्ट्रार को भेजा गया तथा इसकी प्रति भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री को प्रेषित किया गया। संगठन के जिला संयोजक सुब्रत अधिकारी ने बताया कि एक ओर जहां कोरोना के चलते चारों ओर हाहाकार मची हुई है, लोगों की माली हालत अत्यन्त शोचनीय बनी हुई है।कई लोगों के लिए दो वक्त का खाना भी नहीं जुटता है, ऐसी स्थिति में रायगंज विश्वविद्यालय अमानवीयता दर्शाते हुए 25 मई को एक नोटिश जारी कर 14 जून तक अगले सत्र के लिए नामाकन शुल्क ऑन लाइन जमा करने को कहा है। इसलिए संगठन की माग है कि इस समय इस प्रक्रिया को स्थगित किया जाए अथवा शत प्रतिशत शुल्क माफ किया जाए। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इस माग पर विचार नहीं किया तो संगठन के छात्र-छात्रा आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस सन्दर्भ में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ दुर्लभ सरकार ने बताया कि इस सत्र के लिए फरवरी-मार्च में नामाकन प्रक्रिया हो जानी चाहिए। लॉक डाउन समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा का फॉर्म भरा जाएगा। ऐसे में एक साथ दोनों कार्य कठिन हो जाएगा। वैसे भी जिन छात्र छात्राओं को आíथक या अन्य असुविधा हो उनकी सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी की गई है। जरूरतमंदों द्वारा संपर्क करने पर वैकल्पिक व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। कैप्शन : रायगंज विश्वविद्यालय के सामने आदोलनरत छात्र नेता

Posted By: Jagran

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