-मोहम्मदुपर क्षेत्र से पुर्णिया मोड़ तक साढ़े पांच किलोमीटर का बन रहा है बाईपास

-जमीन विवाद व निविदा की जटीलता के कारण एक दशक से लंबित पड़ा था निर्माण कार्य

जागरण संवाददाता,उत्तर दिनाजपुर:दालखोला बाईपास मार्च के बाद शुरू होने की संभावना जगी है। हालाकि इस बाईपास का निर्माण जनवरी तक पुरा करने थे मगर कोरोना संकटकाल एवं अन्य कई कारणों के चलते बाईपास का निर्माण अब मार्च तक पूरा होने की बात कही जा रही है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई )ने अगले मार्च तक दालखोला बाईपास का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस बीच दालखोला के निवासी इस बात को लेकर काफी परेशान हैं कि बाईपास का काम कब तक पूरा होगा। विभिन्न तबकों का मानना है कि अगर बाईपास बन गया तो शहर का चतुर्दिक विकास होगा। स्थानीय निवासियों ने माग की है कि निर्माण कार्य पूरा होते ही बाईपास को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।

राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण के मालदा डिवीजन के परियोजना निदेशक (पीडी) दिनेश हंसरिया ने कहा कि निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। अब एक पुल और थोड़ा काम बाकी है। मार्च के मध्य तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। जनवरी के अंत तक काम पूरा होने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण काम बाधित हुआ है। इसके साथ ही फ्लाई ऐश का आना दो महीने के लिए बंद हो गया। इस कारण काम समय पर समाप्त नहीं पाया। अब यदि कार्य बाधित न हो तो मार्च तक कार्य पूर्ण हो जाने की पूरी संभावना है।

दालखोला नगर पालिका के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष तनय दे ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि बाईपास का काम जल्द पूरा हो, इसकी जानकारी प्रशासन को भी दे दी गई है। अगले सप्ताह राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण के साथ बैठक होगी। दोबारा माग की जाएगी ताकि काम जल्दी पूरा हो सके। बाईपास के साथ सर्विस रोड चाहिए। इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

प्रशासन सूत्रों के अनुसार दक्षिण मोहम्मदपुर क्षेत्र से पूर्णिया मोड़ तक साढ़े पाच किलोमीटर का बाइपास बनाया जा रहा है। अधिकाश काम हो चुका है। मोहम्मदपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग को पुल से जोड़ने का काम चल रहा है। बूढ़ी महानंदा नदी पर पुल का काम चल रहा है। ये दोनों काम पूरे होने के बाद निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

पिछली वाम सरकार के दौरान बाईपास परियोजना को हाथ में लिया गया था,लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका। दिवंगत केंद्रीय मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी की पहल से ही यह सब हो रहा है। बाद में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद काम की प्रक्त्रिया शुरू हुई। फिर भी दो दशक से निर्माण कार्य विभिन्न कारणों से पूरा नहीं हो पाया। इसका मुख्य कारण कभी भूमि विवाद के कारण, कभी निविदा जटिलताओं के कारण, कभी रेलवे के साथ समन्वय की कमी के कारण बताया जाता है। खैर आम लोगों का माग है कि जल्द से बाईपास जल्द निर्माण कार्य पूरा कर बाईपास शुरू की जाए और दालखोला शहरवासियों से लेकर इस रूट पर चलने वाले सभी वाहनों और यात्रियों को दालखोला जाम से निजात दिलाई जाए।

कैप्शन : पुल के निर्माण कार्य में जुटे श्रमिक

Edited By: Jagran