जागरण संवाददाता, गंगटोक: पाच साल से अधिक वर्षो से नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत अस्थायी तौर पर कार्यरत 44 स्टाफ नसरें ने स्थायी करने करने की माग की है। पिछले दिनों 261 सीटों के लिए स्टाफ नसरें को स्टेट पाब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा नियुक्त किया गया था। लेकिन उक्त साक्षात्कार में 44 स्टाफ नर्स असफल हुए। उक्त नसरें ने सामुहिक रुप पत्रकारों से बात करते हुए बिमला तमाग ने कहा कि हालाकि लिखित परीक्षा में पारित हुए। लेकिन साक्षात्कार में अधिकांश नर्स असफल हो गए। इस लंबे इंतजार में कई नर्सो की उम्र चालीस पार कर गई है। इसी तरह अन्य एक स्टाफ नर्स मणि अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पवन चामलिंग के साथ उनके 32 दिनों का भ्रमण के दौरान राज्य के विभिन्न स्थानों में अस्थायी नर्स ने मुलाकात हुई। इसी दौरान उक्त माग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया था। उन्होंने पाच वषरें से अधिक अस्थायी तौर पर कार्यरत नसरें को स्थायी करने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के घोषणा के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री व सचिव से भी मुलाकात हुई। जिस दौरान अगले एक माह के बाद नियुक्ति संबंधी निर्णय देने का आश्वासन दिया है। हालाकि सचिव ने कुल 532 खाली पद होने के बाद 261 पर भरपाई हुई है। अब बाकि खाली पदों में उनके 44 नसरें को नियुक्त करने की मांग की गई है। ताकि परीक्षा व साक्षात्कार पर सफल उम्मीदवार के साथ उनलोगों को भी नियुक्त मिले। फोटो कैपशन

01गंगटोक01- पत्रकारों से बात करते स्टाफ नर्स

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