-शिशु के परिवारवाले को मालदा मेडिकल कॉलेज में रेफर करने को कहा गया था: बीएमओएच

-सीने में दर्द की शिकायत को लेकर शिशु को भर्ती कराया गया : जहांगीर आलम

संवाद सूत्र, मालदा : चिकित्सक की लापरवाही से शिशु की मौत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मृतक शिशु के परिजनों ने जमकर तोड़-फोड़ किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, नर्स व ऑफिस को निशाना बनाया गया। स्वास्थ्य केंद्र के कुर्सी, टेबल, चेयर, कंप्यूटर सहित विभिन्न सामानों को नुकसान पहुंचाया गया। बुधवार दोपहर के समय यह घटना हरिशचंद्रपुर थाना के मशालदह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई। तोड़-फोड़ की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची थी। मृतक शिशु के परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

मृतक शिशु जामिर के पिता जहांगीर आलम ने बताया कि आज सुबह सीने में दर्द के कारण खूब रो रहा था। मैंने फौरन उसे मशालदह स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। लेकिन चिकित्सकों ने मेरे बेटे को ठीक से देखा नहीं। सुबह 11 बजे हमें बताया कि मेरे बेटे की मौत हो गयी है।

मृतक शिशु की मां इस्मेतारा बीबी ने बताया कि मैं अपने बेटे को सुबह आठ बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ले आयी थी। लेकिन चिकित्सकों ने मेरे बेटे का सही से इलाज नहीं किया। मेरा बेटा दर्द से छटपटा रहा था। चिकित्सक के गलत इलाज से मेरे बेटी की मौत हुई।

हरिशचंद्रपुर के दो नंबर ब्लॉक के बीएमओएच डॉ.सुरजीत दास ने बताया कि मंगलवार शाम को लाये थे। चिकित्सक को दिखाकर वें फिर चले गये। बुधवार को वें फिर बच्चे को लेकर आए। शिशु की गंभीर स्थिति को देखकर पहले ही मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में रेफर किया गया था। लेकिन शिशु के परिवारवालें उसे नहीं ले गए। इसके बाद अचानक शिशु के परिवार अस्पताल में तोड़-फोड़ मचाने लगे। पूरी घटना के विषय में पुलिस को बताया गया है। चांचल के एसडीपीओ सजल कांति विश्वास ने बताया कि पूरे मामले की हम जांच कर रहे है।

कैप्शन: मृत शिशु को गोद में लेकर विलाप करती मां

Posted By: Jagran