संवाद सूत्र, मालदा : निर्माणाधीन फरक्का ब्रिज के गार्डर वाल टूटने से दो विगत 16 फरवरी को दो इंजीनियरों की मौत हो गई। इस घटना के 48 घंटे के बाद राज्य फारेंसिक टीम फरक्का पहुंची। प्रतिनिधि दल ने टूटे ब्रिज का मुआयना किया। नमूने का संग्रह किया। दूसरी ओर तृणमूल की जिला अध्यक्षा मौसम नूर ने भी ब्रिज का मुआयना किया। उनके साथ जिला परिषद के सभाधिपति गौड़ चंद्र मंडल, पूर्व मंत्री सावित्री मित्रा सहित विभिन्न सदस्य उपस्थित थें। मौसम नूर ने फरक्का ब्रिज निर्माण में कट मनी लेने का भी आरोप लगाया। इसके कारण प्रोजेक्ट इंजार्ज केएस श्रीनिवासन राव व सचीन प्रताप की मौत हो गई। साथ ही तीन टेक्नीशियन भी बुरी तरह जख्मी है। इस सेतु निर्माण में काफी अनियमितता बरती गयी। भाजपा ने कुछ कमिशन खोर लोगों को इसमें लगाया था। रविवार को छुट्टी के दिन भी कम रौशनी में क्यों काम करवाया जा रहा था। हम निर्माणकारी संस्था से यह जानना चाहते है। हम पूरा विषय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बतायेंगे।

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अजय गांगुली ने मौसम नूर के आरोप को निराधार बताया। फोरेंसिक टीम की अधिकारी चित्राखो सरकार ने बताया कि निर्माण में किस तरह की सामग्री का इस्तमाल किया गया था, उसकी जांच की जा रही है। गार्डर वाल के ही टूटने से यह हादसा हुआ, यह स्पष्ट है। हम निर्माणकारी संस्था के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

कैप्शन : टूटे ब्रिज का फोटे लेते फोरेंसिक टीम के अधिकारी

Posted By: Jagran

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