बंगाल: मालदा में बाढ़ के बाद बिगड़ी स्थिति, गंगा में समा गया 150 साल पुराना शिव मंदिर
पश्चिम बंगाल के मालदा में बाढ़ और गंगा नदी के कटाव के कारण 150 साल पुराना शिव मंदिर ढह गया। ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, मालदा। पश्चिम बंगाल के मालदा में बाढ़ और नदी के किनारे के कटाव की स्थिति बिगड़ने के कारण रविवार को रतुआ में गंगा नदी के किनारे स्थित 150 साल पुराना शिव मंदिर ढह गया। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिहार से भारी मात्रा में पानी आने के कारण 9 सितंबर तक जलस्तर बढ़ता रहेगा।
मानिकचक ब्लॉक के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके भुटनी द्वीप पर मौजूद एकमात्र स्थानीय अस्पताल को बंद करना पड़ा और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था पंचायत कार्यालय में शिफ्ट कर दी गई। गर्भवती महिलाओं को मानिकचक की दो स्कूल इमारतों में ले जाया गया है।
कई इलाके प्रभावित
मानिकचक और रतुआ के अलावा इंग्लिश बाजार भी प्रभावित हुआ, जहां खसकोल में कटाव के कारण जमीन के बड़े हिस्से और आम के बागान नष्ट हो गए। प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत कार्य चला रहा है और राज्य के मंत्री मौके पर मौजूद हैं। तीन पंचायतों के कम से कम 62 गांव और स्थानीय पुलिस स्टेशन पानी में डूबे हुए हैं।
मंदिर को पहले से था खतरा
रतुआ के मुनिरामटोला में स्थित मंदिर को पिछले साल से ही कटाव का खतरा था, लेकिन बचाव के अस्थायी कामों की वजह से यह टिका हुआ था। एक स्थानीय स्कूल टीचर आलोक मंडल ने याद करते हुए कहा, "हमारे बचपन में नदी मंदिर से लगभग 15 किलोमीटर दूर थी। यह भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय था और यहां लगने वाले साप्ताहिक बाजार में हजारों लोग आते थे, यहां तक कि पड़ोसी राज्य बिहार से भी।"
पानी का स्तर बढ़ने के कारण शनिवार को नदी के किनारे का एक बड़ा हिस्सा कट गया और रविवार शाम को नदी ने पूरे मंदिर को ही निगल लिया। 2 सितंबर की रात को तटबंध टूटने और द्वीप के पानी में डूबने के बाद भुटनी में हालात बिगड़ गए।
6.5 करोड़ रुपये की लागत से 2025 में बने इस तटबंध के टूटने पर स्थानीय विधायक गौर मंडल ने आलोचना की। उन्होंने निर्माण की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाया और इस बुनियादी ढांचे की विफलता के लिए पिछली टीएमसी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
