पंचायतों में संकट से थमा रोजगार, ‘125 दिन काम’ योजना अटकी
बंगाल में पंचायतों के संकट के कारण '125 दिन रोजगार' योजना की रफ्तार थम गई है। इस बाधा को दूर ...और पढ़ें

पंचायतों में संकट से थमा रोजगार।
HighLights
बंगाल में 125 दिन रोजगार योजना पंचायत संकट से प्रभावित।
केंद्र के अधिकारी प्रशिक्षण देंगे, योजना क्रियान्वयन में सुधार हेतु।
14 हजार करोड़ की योजना, केवल 400 पंचायतों में लागू।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में पंचायत ढांचे के डगमगाने से ‘125 दिन रोजगार’ योजना की रफ्तार थम गई है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ‘विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी)’ लागू तो कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं सामने आ रही हैं।
पंचायतों में बड़े पैमाने पर पदाधिकारियों के इस्तीफे और गैरहाजिरी के कारण काम प्रभावित हुआ है। इसी संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी अब राज्य में प्रशिक्षण देने आ रहे हैं।
न्यूटाउन स्थित विश्व बंगला कंवेंशन सेंटर में चार दिन का प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा, जिसमें राज्य, जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
इस योजना के तहत मनरेगा के स्थान पर 100 दिनों की जगह 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। मजदूरी सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी और 15 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा।
हालांकि, 3339 पंचायतों में से अभी तक केवल करीब 400 में ही योजना लागू हो पाई है। ऐसे में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की इस योजना के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रशासन फिलहाल अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ाकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है।
