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बंगाल: फर्जी जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ एक्शन में सीएम सुवेंदु, 2011 के बाद जारी सभी सर्टिफिकेट की होगी जांच

Published: Fri, 15 May 2026 09:24 PM (GMT+05:30)

पश्चिम बंगाल सरकार ने 2011 के बाद जारी सभी जाति प्रमाण पत्रों की फिर से जांच करने का फैसला किया ...और पढ़ें

बंगाल में 2011 के बाद जारी जाति प्रमाण पत्रों की होगी की फिर से होगी जांच (फाइल फोटो- PTI)

बंगाल में 2011 के बाद जारी जाति प्रमाण पत्रों की होगी की फिर से होगी जांच (फाइल फोटो- PTI)

HighLights

  1. सुवेंदु सरकार ने राज्य में 2011 के बाद जारी सभी जाति प्रमाण पत्रों की फिर से जांच के दिए आदेश

  2. फर्जी और अनियमित प्रमाण पत्र जारी होने के आरोपों के बाद जिला प्रशासन को निर्देश

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता । बंगाल की सुवेंदु सरकार ने राज्य में 2011 के बाद जारी किए गए सभी जाति प्रमाण पत्रों की फिर से जांच करने का फैसला किया है। यह कदम कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के बीच उठाया गया है।

एक वरिष्ठ नौकरशाह ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को पत्र भेजकर पुन: सत्यापन प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

आरोप है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में जाति प्रमाण पत्रों के जारी होने में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं कई बार सामने आई थीं। इन प्रमाण पत्रों में एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों के दस्तावेज शामिल हैं।

राज्य के जनजातीय विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री खुदीराम तुडु ने कहा कि उस अवधि में बड़ी संख्या में फर्जी और अनियमित जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लोगों ने इन प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी लाभ भी प्राप्त किए।

मंत्री ने पहले भी संकेत दिया था कि जिन अधिकारियों की निगरानी में ऐसे प्रमाण पत्र जारी हुए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।