TMC के चुनाव चिन्ह पर दावा ठोक सकता है बागी गुट, कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह गहरा गई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व ...और पढ़ें

TMC के चुनाव चिन्ह पर दावा ठोक सकता है बागी गुट। (फाइल)
HighLights
टीएमसी में बागी गुट चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है।
विपक्ष के नेता की मान्यता को लेकर विवाद गहराया।
ममता बनर्जी असंतुष्ट विधायकों से संपर्क साध रही हैं।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस का अंदरूनी संघर्ष अब पार्टी के चुनाव चिन्ह तक पहुंच सकता है। विपक्ष के नेता को लेकर जारी विवाद के बीच ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के चुनाव आयोग और अदालत का दरवाजा खटखटाकर पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावा करने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने कहा कि वह ऋतब्रत बनर्जी को विरोधी दल के नेता की मान्यता देने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सकती है।
बागी विधायक खुद को "असली तृणमूल" बताकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। बागी गुट का मानना है कि पार्टी की वास्तविक राजनीतिक और विधायी ताकत उनके साथ है, इसलिए भविष्य में वे चुनाव चिन्ह पर भी अपना दावा पेश कर सकते हैं।
उधर, पार्टी में टूट की आशंका को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्थिति को संभालने में जुटी हैं। उन्होंने कई असंतुष्ट विधायकों से संपर्क किया है और संगठन में भी बदलाव किए हैं। बागी गुट का आरोप है कि विपक्ष के नेता के चयन की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और विधायकों के हस्ताक्षरों से जुड़े मामले में गंभीर गड़बड़ी की गई।
कैनिंग पूर्व के विधायक बहारुल इस्लाम ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि विपक्ष के नेता के समर्थन से जुड़े दस्तावेज पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए थे। इस आरोप के बाद विवाद और गहरा गया। इसी विवाद के चलते विधानसभा सचिव की शिकायत पर सीआईडी जांच भी शुरू हो चुकी है।
