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अब जरूरत पड़ने पर अग्रिम वेतन ले सकेंगे बंगाल के सरकारी कर्मचारी, 60 महीने तक किस्तों में चुकाने की सुविधा

Published: Thu, 05 Nov 2026 02:22 PM (IST)

पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए 'पश्चिम बंगाल सैलरी एडवांस स्कीम' शुरू की है, जिससे वे चिकित्सा, शिक्षा ...और पढ़ें

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

(AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। चिकित्सा खर्च, बच्चों की पढ़ाई या अचानक पारिवारिक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए अब बंगाल के राज्य सरकारी कर्मचारी अपने वेतन का एक हिस्सा अग्रिम ले सकेंगे।

राज्य सरकार ने इसके लिए ' पश्चिम बंगाल सैलरी एडवांस स्कीम' शुरू की है। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ग्रुप ए से ग्रुप डी तक के समकक्ष पदों पर कार्यरत स्थायी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित शर्तों के साथ इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। पूरी व्यवस्था वित्त विभाग के ई-गवर्नेंस ग्रुप के माध्यम से संचालित होगी।

इस योजना को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली अल्पकालीन अग्रिम (शार्ट टर्म एडवांस) और दूसरी दीर्घकालीन अग्रिम (मल्टी मंथ एडवांस) है। दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग नियम और भुगतान की समयसीमा निर्धारित की गई है।

60 दिनों में लौटाने पर नहीं लगेगा ब्याज

अल्पकालीन अग्रिम के तहत कर्मचारी संबंधित महीने के कुल देय वेतन का अधिकतम 50 प्रतिशत तक अग्रिम प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, ली गई राशि अधिकतम 60 दिनों या अगले वेतन चक्र के भीतर लौटानी होगी। निर्धारित अवधि में राशि चुकाने पर कोई ब्याज नहीं देना होगा।

इसके अलावा प्रोसेसिंग शुल्क, प्लेटफार्म शुल्क या सुविधा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। हालांकि, संबंधित कर्मचारी की ओर से आवश्यक जानकारी देने में देरी होने पर अधिकतम एक प्रतिशत लेनदेन शुल्क लगाया जा सकता है। वहीं, सरकारी विभाग या आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) की ओर से देरी होने पर कर्मचारी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

60 महीने तक किस्तों में चुका सकेंगे राशि

दीर्घकालीन अग्रिम के तहत कर्मचारियों को दो महीने से लेकर अधिकतम 60 महीने तक किस्तों में राशि चुकाने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, किसी कर्मचारी के मामले में भुगतान की अवधि उसकी सेवानिवृत्ति की निर्धारित तारीख से आगे नहीं बढ़ सकेगी। ऋणदाता के जोखिम आकलन और भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुरूप अग्रिम की सीमा तय होगी।

इसके तहत कर्मचारी अपने मासिक सकल वेतन के अधिकतम 30 गुना तक राशि प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, मासिक किस्त (ईएमआइ) की राशि किसी भी स्थिति में कर्मचारी के कुल मासिक वेतन के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल ऋण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। अग्रिम लेने से पहले कर्मचारियों को ब्याज दर और अन्य शुल्कों की पूरी जानकारी 'की फैक्ट स्टेटमेंट' के माध्यम से दी जाएगी। निर्धारित अवधि से पहले पूरी राशि चुकाने पर किसी तरह का फोरक्लोजर या प्री-पेमेंट शुल्क भी नहीं लगेगा। एक कर्मचारी एक समय में इस योजना के तहत एक ही अग्रिम का लाभ ले सकेगा।

पुराने अग्रिम की पूरी राशि चुकाने के बाद ही दोबारा आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया को डब्ल्यूबीआइएफएमएस और एचआरएमएस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। कर्मचारी की डिजिटल सहमति के आधार पर वेतन से सीधे मासिक किस्त की कटौती होगी। नौकरी छोड़ने या सेवानिवृत्त होने की स्थिति में अंतिम बकाया राशि से अग्रिम की शेष रकम की वसूली का भी प्रावधान किया गया है।

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