बंगाल में घुसपैठियों और विदेशी कैदियों के लिए 'होल्डिंग सेंटर' शुरू, लालगोला के पद्मा भवन में रखे गए 9 बांग्लादेशी
पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठियों और सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिकों के प्रत्यर्पण को व्यवस्थित करने के लिए ...और पढ़ें

शुभेंदु अधिकारी

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ और सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिकों के प्रत्यर्पण की जटिल प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
सरकार के ताजा आदेश के बाद प्रदेश के हर जिले में 'होल्डिंग सेंटर' बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि गत 23 मई को इस संबंध में आधिकारिक दिशानिर्देश जारी होने के महज 48 घंटों के भीतर ही इस पर कड़ाई से अमल भी शुरू कर दिया गया है।
'होल्डिंग सेंटर' का निर्माण शुरू
इसी कड़ी में मुर्शिदाबाद के लालगोला स्थित 'पद्मा भवन' की तीसरी मंजिल पर राज्य का पहला सक्रिय होल्डिंग सेंटर अस्तित्व में आ चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सेंटर में 9 बांग्लादेशी नागरिकों को लाकर रखा भी जा चुका है।
सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से फिलहाल इन तीनों की विस्तृत पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि ये सभी पुरुष हैं और इनकी उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है।
तीन श्रेणियों के लोग रखे जाएंगे इन केंद्रों में
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, इन होल्डिंग सेंटरों का उपयोग मुख्य रूप से तीन विशेष श्रेणियों के विदेशी नागरिकों को रखने के लिए किया जाएगा:
तत्काल पकड़े गए घुसपैठिए: सीमा लांघकर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करते ही पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पकड़े गए घुसपैठियों को सीधे इन होल्डिंग सेंटरों में भेजा जाएगा।
विचाराधीन जेलबंदी: ऐसे विदेशी कैदी जो वर्तमान में जेलों में बंद हैं, उन्हें अब बार-बार अदालत में पेश करने के बजाय सीधे इन सेंटरों में स्थानांतरित कर सुरक्षित रखा जाएगा।
सजा पूरी कर चुके विदेशी नागरिक: ऐसे बांग्लादेशी या अन्य विदेशी नागरिक जिनकी जेल की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन कानूनी और कूटनीतिक पेचीदगियों के कारण जिनका प्रत्यर्पण (स्वदेश वापसी) अटका हुआ है, उन्हें भी इसी सुरक्षित ठिकाने पर रखा जाएगा।
प्रशासन के इस त्वरित एक्शन से साफ है कि सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ और विदेशी नागरिकों के अवैध ठहराव को लेकर सरकार अब कोई ढील बरतने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे सेंटर तेजी से काम करना शुरू कर देंगे।
