चोरबागान हादसे से सबक: काली पूजा, छठ और जगद्धात्री पूजा के लिए नवान्न ने जारी की सुरक्षा गाइडलाइन
चोरबागान भगदड़ से सबक लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने काली पूजा, जगद्धात्री पूजा और छठ महापर्व के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं।

चोरबागान हादसे के बाद कड़ी सुरक्षा गाइडलाइन (फाइल फोटो)
HighLights
भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास मार्गों को चौड़ा रखने के निर्देश।
घाटों पर सीसीटीवी, रोशनी, लाइफ जैकेट और महिला कक्ष।
पुलिस तैनाती, अग्निशमन व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा अनिवार्य।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता । दुर्गापूजा के दौरान चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत की घटना से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने आगामी कालीपूजा व दिवाली, जगद्धात्री पूजा, कार्तिक पूजा और छठ महापर्व के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश दिया है।
राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से इन आयोजनों को लेकर रविवार को विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है। इसमें पूजा मंडपों में भीड़ नियंत्रण से लेकर अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, घाटों की सुरक्षा और साफ-सफाई तक के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने पूजा आयोजक समितियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मंडपों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रवेश और निकास के रास्ते चौड़े रखे जाएं, ताकि भीड़ के दबाव में किसी तरह की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति पैदा न हो।
मंडप के भीतर एक साथ अत्यधिक संख्या में दर्शकों के प्रवेश पर नियंत्रण रखने और इसके लिए पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करने को कहा गया है।
भीड़ के हिसाब से पुलिस की तैनाती, अग्निशमन पर जोर
निर्देशिका में कहा गया है कि प्रत्येक मंडप में संभावित भीड़ के आकलन के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से रखनी होगी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी निर्देशों का पालन हो रहा है।
अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। किसी आपात स्थिति में 10 से 15 मिनट के भीतर दमकल की गाड़ी घटनास्थल तक पहुंच सके, इसके लिए आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है।
घाटों पर सीसीटीवी और रोशनी, महिलाओं के लिए अलग कक्ष
छठ पूजा के मद्देनजर नदी और जलाशयों के घाटों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। घाटों पर पर्याप्त रोशनी और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नौकाओं में लाइफ जैकेट उपलब्ध रखना अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल बचाव कार्य किया जा सके।
इसके अलावा महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए घाटों पर अलग कमरे बनाने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य कालीपूजा, जगद्धात्री पूजा और छठ के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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