कालीपूजा-दीवाली और छठ पर पटाखे फोड़ने के लिए नई गाइडलाइंस, बंगाल में त्योहारों पर सख्त नियम
पश्चिम बंगाल सरकार ने कालीपूजा, दिवाली और छठ पूजा के लिए पटाखों के समय और प्रकार पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बंगाल में पटाखा फोड़ने के लिए नई गाइडलाइंस (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
कालीपूजा-दिवाली पर रात 8-10 बजे तक ग्रीन पटाखे ही।
छठ पूजा पर सुबह 6-8 बजे तक ही आतिशबाजी की अनुमति।
साइलेंस जोन में ध्वनि वाले पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में कालीपूजा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान पटाखे फोड़ने को लेकर बंगाल सरकार ने गुरुवार को सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए आतिशबाजी का समय निर्धारित कर दिया है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कालीपूजा और दिवाली पर रात आठ से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे। वहीं, छठ पूजा के दिन सुबह छह से आठ बजे तक आतिशबाजी की अनुमति होगी। इन अवसरों पर केवल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमोदित ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
राज्य सचिवालय नवान्न में उच्चस्तरीय बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष ने इन निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार मनाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। वहीं, फानूस या स्काई लालटेन उड़ाने के लिए अग्निशमन विभाग से लाइसेंस लेना भी अनिवार्य किया गया है।
गृह सचिव ने राज्य पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धिनाथ गुप्ता और कोलकाता के पुलिस आयुक्त अजय नंदा की मौजूदगी में कहा कि प्रशासन पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के ठिकानों पर निगरानी रखेगा। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने साफ किया कि पटाखे फोड़ने के समय, ध्वनि सीमा और साइलेंस जोन से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहार की खुशी दूसरों के लिए परेशानी या खतरे का कारण नहीं बननी चाहिए। प्रशासन का जोर नियमों को सख्ती से लागू करने के साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी है।
साइलेंस जोन में ध्वनि वाले पटाखों पर रोक
प्रशासन ने अस्पतालों, स्कूलों और वृद्धाश्रमों जैसे साइलेंस जोन में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में ध्वनि वाले पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध रहेगा। इन क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी के साथ लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
बहुमंजिला आवासीय परिसरों में पटाखे फोड़ते समय धुएं और प्रदूषण के प्रभाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन का जोर है कि उत्सव के दौरान मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों सहित आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ध्वनि सीमा का भी करना होगा पालन
ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के साथ निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन भी जरूरी होगा। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों के लिए अधिकतम 125 डेसीबल और प्रकाश उत्पन्न करने वाले पटाखों के लिए 90 डेसीबल की सीमा बताई गई है। इन मानकों को लागू करते समय संबंधित नियमों और मापन की निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमोदित ग्रीन पटाखों के पैकेट पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर उपभोक्ता उनकी वैधता की जांच कर सकेंगे। प्रशासन ने पटाखों के बाजार आबादी वाले क्षेत्रों से दूर निर्धारित नियमों के अनुसार लगाने और वहां निगरानी रखने पर भी जोर दिया है।
शिकायतों के लिए बनेगा विशेष कंट्रोल रूम
प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री, अवैध भंडारण या नियमों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के लिए नवान्न की ओर से विशेष कंट्रोल रूम शुरू किया जाएगा। इसका हेल्पलाइन नंबर बाद में जारी किया जाएगा। त्योहारों के दौरान पुलिस गश्त और निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
बड़ाबाजार में 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे जब्त, एक गिरफ्तार
इधर, कालीपूजा से पहले कोलकाता पुलिस ने बड़ाबाजार थाना क्षेत्र के एनएस रोड स्थित एक परित्यक्त भवन में छापेमारी कर करीब 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए हैं। इस मामले में 19 वर्षीय मोहम्मद तौफीक को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 1:45 बजे बड़ाबाजार थाने के उपनिरीक्षक उत्तम कुमार हालदार के नेतृत्व में पुलिस की टीम इलाके में गश्त और तलाशी अभियान चला रही थी।
इसी दौरान एक नंबर एनएस रोड स्थित परित्यक्त भवन की तलाशी लेने पर चार बड़े गत्ते के बक्सों में रखे पटाखे बरामद हुए
कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (खुफिया) कुणाल अग्रवाल ने कहा कि अवैध पटाखों पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
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