दुर्गापुर, जागरण संवाददाता। पश्चिम वर्धमान के केतुग्राम में कल रात तृणमूल कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं को गोली मारने की घटना प्रकाश में आई है। दोनों गंभीर रूप से जख्मी है। पता चला है कि तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों में हुए संघर्ष के दौरान फायरिंग हुई जिसमें 2 कार्यकर्ता जख्मी हो गए। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान चला रही है।

पूर्व बर्द्धमान जिले के केतुग्राम बेड़ूग्राम गांव में गुरुवार रात गोली फायरिंग की घटना हुई। जिसमें दो लोगों को गोली लगी। गोली से जख्मी बाबुल शेख और सुनील माझी को बोलपुर के सियान अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां हालत में सुधार है।

केतुग्राम के बेड़ूग्राम में बुधवार को नवान्न उत्सव चल रहा था। जहां महिलाओं के लिए प्रतियोगिता चल रही थी। जहां युवा तृणमूल कांग्रेस नेता काजी जहिरुल आलम उर्फ राज भी पहुंचे थे। उसी समय अचानक अराजक तत्वों ने हमला कर दिया। अराजक तत्वों की गोली से दोनों जख्मी हुए। उन्हें बोलपुर के सियान अस्पताल में भर्ती करवाया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 

13 गोरखा जाति को शीघ्र मिले जनजाति का दर्जा

दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने 13 गोरखा जाति को जनजाति का दर्जा देने की मांग की है। इस मांग को उन्होंने सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि 1950 में 13 गोरखा जाति को जनजाति की सूची से हटा दिया गया था। इसके लिए दार्जिलिंग, तराई, डुवार्स व पूवरेत्तर के गोरखाओं से कोई सलाह नहीं ली गई। 2016 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस गलती को ठीक करने का फैसला लिया।

सरकार ने इन 11 गोरखा जाति को जनजातियों के रूप में शामिल करने के लिए तीन समितियां गठित की। जबकि यह प्रक्रिया आज भी पूरी नहीं हो पायी है। इस प्रक्रिया को सरकार जल्द पूरा करे। इसके साथ ही राजू बिष्ट ने बतासी के दूधगेट के निकट ट्रेन से कटकर दो हाथी की मौत पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि तीन जुलाई 2019 को रेलमंत्री पीयुष गोयल से मिलकर वनप्राणी कॉरिडोर विकसित कर वन प्राणियों की सुरक्षा की मांग की थी। इस क्षेत्र में वन प्राणियों के लिए अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय का निर्माण कराने की भी मांग रखी है। इस पूरे क्षेत्र में पिछले पांच वषरे में तेंदुआ, हाथी समेत अन्य वन्य जीवों की मौत रेलवे ट्रैक पर हुई है। इसकी संख्या 500 है।

रेलवे की ओर से असम के काजीरंगा से गुवाहाटी और दार्जिलिंग जिला समेत उत्तर बंगाल के अन्य जिलों में रेलवे को आवश्यक कदम उठाना चाहिए। कुछ क्षेत्र में रेलवे ने कदम उठाए हैं। परंतु दार्जिलिंग जिला के तहत कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसको लेकर वे रेलमंत्री से दोबारा मिलकर बात करेंगे।

Posted By: Preeti jha

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