बंगाल: जनता दरबार में पहुंची एसिड हमले की पीड़िता ने लगाई सुरक्षा की गुहार, लाचार दंपती ने बेटी के इलाज के लिए मांगी मुख्यमंत्री से मदद
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में एक एसिड पीड़िता ने सुरक्षा की गुहार लगाई, जबकि एक ...और पढ़ें

शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में एसिड पीड़िता ने मांगी सुरक्षा

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में शुक्रवार को दो ऐसे मामले सामने आए, जिन्होंने आम लोगों की गंभीर समस्याओं और उनकी उम्मीदों को सामने रखा। एक ओर पांच साल पहले एसिड हमले की शिकार हुई नदिया जिले की युवती ने आरोपित की ओर से लगातार मिल रही धमकियों के कारण अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई, वहीं दूसरी ओर पूर्व मेदिनीपुर जिले से आए एक दंपती ने अपनी तीन साल की बीमार बेटी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से मदद मांगी।
बच्ची को बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत है, जिस पर करीब 40 से 45 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने दंपती को मदद का भरोसा दिया।
कोलकाता के साल्टलेक स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में नदिया जिले के कृष्णनगर से आई युवती ने बताया कि 14 जुलाई 2021 की शाम स्थानीय एक युवक अचिंत्य शिकारी ने उस पर एसिड से हमला किया था। उस समय वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी। इस मामले में अदालत ने उसे छह साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, युवती का दावा है कि सजा पूरी होने से पहले ही दोषी जमानत पर बाहर आ गया।
युवती और उसके परिवार का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद से ही उक्त युवक उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है। ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। युवती ने कहा कि हमें घर में रहने से भी डर लग रहा है।
वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी शिकायत और सुरक्षा की मांग रखना चाहती थी, लेकिन जनता दरबार में प्रवेश के लिए जरूरी टोकन नहीं मिलने के कारण अंदर नहीं जा सकी। इसके बावजूद वह सुबह से बाहर सड़क पर इंतजार करती रही और वहीं से मुख्यमंत्री से न्याय तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
बच्ची के इलाज के लिए 45 लाख की जरूरत
दूसरी ओर, पूर्व मेदिनीपुर के राजीव मैती और उनकी पत्नी मिठू मैती अपनी तीन साल की बेटी श्रेया को लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचे। बच्ची गंभीर बीमारी से पीड़ित है और चिकित्सकों ने उसके बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई है। दंपती के अनुसार, इसपर करीब 40 से 45 लाख रुपये खर्च होंगे। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे इतनी बड़ी रकम जुटा सकें। इसके अलावा ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर की तलाश भी उनके सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
दंपती ने मुख्यमंत्री को अपनी परेशानी बताकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता और डोनर की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और बच्ची के इलाज में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। जनता दरबार में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कई तरह की समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने ध्यानपूर्वक लोगों की शिकायतें सुनीं और कार्रवाई का भरोसा दिया।
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