CAA के लंबित आवेदनों के निपटारे में तेजी लाएगी बंगाल सरकार, मतुआ बहुल दो जिलों में तैनात किए 12 IAS अधिकारी
बंगाल सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत लंबित आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

सीएए के लंबित आवेदनों के निपटारे में तेजी लाएगी बंगाल सरकार।
HighLights
सीएए आवेदनों के निपटारे में तेजी लाएगी बंगाल सरकार।
मतुआ बहुल उत्तर 24 परगना, नदिया में 12 आईएएस तैनात।
दिसंबर तक 2.5 लाख आवेदकों को नागरिकता देने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत लंबित आवेदनों के निपटारे में तेजी लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है।
शरणार्थी मतुआ समुदाय के लोगों को नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज करने के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राज्य सचिवालय नवान्न ने बड़ा कदम उठाते हुए मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी वाले उत्तर 24 परगना और नदिया जिले में 12 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की दो महीने के लिए विशेष तैनाती की है। दोनों जिलों में छह-छह अधिकारियों को अगले दो महीने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये अधिकारी जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सीएए से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन, सुनवाई और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देंगे।
नवान्न की ओर से सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किया गया। तैनात किए गए अधिकारी फिलहाल राज्य के विभिन्न जिलों में सहायक मजिस्ट्रेट और सहायक कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें अस्थायी रूप से उत्तर 24 परगना और नदिया जिला प्रशासन से संबद्ध किया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य सीएए के तहत नागरिकता के लिए किए गए आवेदनों की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी रोकना और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने रविवार को मतुआ के बढ़ ठाकुरनगर में आयोजित दूसरे अंतरराष्ट्रीय मतुआ गोसाईं सम्मेलन में सीएए आवेदनों के निपटारे को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए कहा था कि राज्य सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर तक 2.5 लाख आवेदकों (मतुआ और अन्य शरणार्थियों) को सीएए के तहत नागरिकता प्रदान करना है।
उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार नवान्न में जिलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है। राज्य में करीब ढाई लाख आवेदकों की फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि 31 दिसंबर तक सभी लंबित आवेदनों की सुनवाई पूरी कर पात्र आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान कर दिया जाएगा। इसी घोषणा के अगले दिन 12 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की तैनाती का आदेश जारी कर दिया गया।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने में भी मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री ने मतुआ समुदाय को भरोसा दिलाया था कि नागरिकता प्रमाणपत्र मिलने के बाद जिन लोगों के नाम एसआइआर में मतदाता सूची से हट गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल कराने में राज्य प्रशासन हर संभव सहायता करेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सीएए के तहत नागरिकता प्राप्त करने के बाद मतुआ समुदाय के लोगों को सभी सामाजिक सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में एक समर्पित अधिकारी भी तैनात किया जाएगा।
मालूम हो कि बांग्लादेश की सीमा से सटे उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। इस समुदाय के लिए नागरिकता का मुद्दा लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है।
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