कोलकाता, राज्य ब्यूरो। सारधा चिटफंड घोटाले ( Saradha Chit fund scam) में भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी (Leader of opposition Suvendu Adhikari) की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस (Trinamul Congress) ने सोमवार को कोलकाता के साल्टलेक इलाके में स्थित सीबीआइ दफ्तर (CBI Office) के सामने धरना दिया। इसके अलावा दिनहाटा व कांथी समेत राज्य के कई स्थानों पर भी तृणमूल की तरफ से प्रदर्शन किया गया। सीबीआइ दफ्तर के सामने धरने की अगुआई तृणमूल विधायक बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने की। उन्होंने सीबीआइ जांच पर सवाल उठाते हुए कहा-'सारधा घोटाले में सुवेंदु को छोड़कर सभी आरोपितों से पूछताछ की गई है। सुवेंदु को छूट क्यों दी जा रही है? दरअसल सुवेंदु सीबीआइ-ईडी से बचने के लिए ही भाजपा में गए हैं।'

तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा-'हम सीबीआइ के खिलाफ नहीं है। सीबीआइ का जिस तरह से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं।'

 कूचबिहार में सुवेंदु के काफिले को देखकर लगाए गए 'गो बैक' के  नारे

कूचबिहार में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सुवेंदु के काफिले को देखकर 'गो बैक' के नारे लगाए, जिसके जवाब में भाजपा कार्यकताओं की तरफ से 'जय श्रीराम' के नारे लगाए गए। सुवेंदु सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करने कूचबिहार गए थे। वहां दिनहाटा नगरपालिका के चेयरमैन गौरीशंकर माहेश्वरी के नेतृत्व में सुवेंदु की गिरफ्तारी की मांग पर पथावरोध किया गया।

2024 में ही कर देंगे तृणमूल सरकार का विसर्जन : सुवेंदु

कूचबिहार में सभा को संबोधित करते हुए सुवेंदु ने कहा कि बंगाल से तृणमूल सरकार को हटाने के लिए 2026 तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 2024 में ही उसका विसर्जन कर देंगे। पहले महाराष्ट्र, फिर झारखंड और उसके बाद बंगाल। दूसरी तरफ तृणमूल नेत्री सायोनी घोष ने सुवेंदु को चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने दावा किया था कि ममता को उनके अधिकारी परिवार ने ही मुख्यमंत्री बनाया है। अगर उनमें दम है तो 2026 में अपने पिता शिशिर अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाकर दिखाएं।

Edited By: Sumita Jaiswal