कोलकाता, जेएनएन। दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में रहने वाले जय दत्ता के लिए यह रक्षाबंधन जीवनभर याद रहेगा। जन्म से फीमेल जय ने सेक्स चेंज करवाया है और उनका यह पहला रक्षाबंधन था जो उन्होंने दिल्ली के एक हॉस्पिटल में मनाया। उनके लिए यह रक्षाबंधन खास इसलिए था क्योंकि वह अपनी ट्रांसजेंडर बहन की मदद से सेक्स चेंज करवाने की सर्जरी करवा रहे हैं।


जन्म के समय से दत्ता फीमेल थी लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी हुईं उन्हें अपने अंदर परिवर्तन महसूस होने लगा। वह सेक्स चेंज कराना चाहती थीं लेकिन उनके परिवारवाले इसके खिलाफ थे। ऐसे में ट्रांसजेंडर समुदाय ने उनकी मदद की। दत्ता की पहली सर्जरी दिल्ली के एक अस्पताल में 21 अगस्त को की गई। इस सर्जरी के लिए जेंडर ऐक्टिविस्ट और वेस्ट बंगाल ट्रांसजेंडर बोर्ड की सदस्य रंजीता सिन्हा ने उनका साथ दिया और यहां तक कि अस्पताल में उनके रिस्क बॉन्ड पर गार्जियन के तौर पर भी साइन किया।


दत्ता ने कहा, ट्रांसजेंडर समुदाय मेरे साथ खड़ा था। मैं रंजीता दीदी का धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मेरा सपॉर्ट किया। वह दिल्ली में सर्जरी के लिए मेरे साथ आईं। यह रक्षाबंधन मेरे लिए हमेशा स्पेशल रहेगा।


रंजीता ने कहा, मैं जय की कलाई में बीते दस साल से राखी बांध रही हूं लेकिन यह रक्षाबंधन मेरे लिए खास है क्योंकि जय की जिंदगी बदल रही है। सेक्स चेंज कराकर वह पूरी तरह से मेल हो जाएगा। दत्ता का कहना है कि वह कोलकाता के कृषि विभाग में काम करते हैं। पिछले चार वषरें से वह हॉर्मोन्स थेरपी ले रहे हैं। उनके कई पड़ोसी और रिश्तेदार इस फैसले के खिलाफ हैं,लेकिन ट्रांसजेंडर समुदाय ने उनका हमेशा समर्थन किया।

उन्होंने कहा, जब मैं बहुत छोटा था तभी मेरे पैरंट्स अलग हो गए थे। मेरी मां ने मुझे पालापोसा लेकिन कुछ वषरें पहले उनकी मौत हो गई। मुझे शुरू से ही लड़कों की तरह रहना पसंद था। अगर ट्रांसजेंडर समुदाय का मुझे समर्थन हीं होता तो शायद मैं सेक्स चेंज कराने की हिम्मत नहीं कर पाता।

उन्होंने कहा कि फीमेल से मेल बनने की उनकी पहली सर्जरी हो चुकी है। कुछ फेज की सर्जरी और बाकी हैं उसके बाद वह शारीरिक तौर पर पूरी तरह से मेल हो जाएंगे।

Posted By: Preeti jha

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