कोलकाता, जागरण संवाददाता। CBI Officer. रोजवैली और सारधा चिटफंड घोटालों की जांच कर रहे तीन अधिकारियों के तबादले को सीबीआइ ने तीन माह के लिए टाल दिया है। इसके पीछे का मकसद जांच में तेजी लाना बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि बीते 15 जनवरी को सीबीआइ ने सारधा, रोजवैली घोटालों तथा नारद स्टिंग कांड की जांच कर रहे चार अधिकारियों का तबादला दूसरे राज्यों में कर दिया था। इनमें से सारधा कांड के पहले जांच अधिकारी तथागत बर्धन कोलकाता से दिल्ली तबादला कर दिया था। तथागत की टीम ने ही सारधा मामले में पार्क स्ट्रीट स्थित कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार के घर छापेमारी की थी। इसके अलावा रोजवैली मामले के जांच अधिकारी जोजम शेरपा को भुवनेश्र्वर और डीएसपी ब्रतीन घोषाल का तबादला अन्य राज्य में करने का आदेश जारी किया गया था। इनमें से शेरपा को बीते वर्ष अंत में ही रोजवैली का जांच अधिकारी के हिसाब से कोलकाता भेजा गया था। तबादला आदेश जारी होने के एक माह के अंदर सीबीआइ ने उक्त तीनों अधिकारियों को लेकर अपना निर्णय बदल दिया।

सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी तथागत बर्धन, जोजम शेरपा और डीएसपी ब्रतीन घोषाल का तबादला तीन माह के लिए टाल दिया गया है। उधर, दिल्ली से दो अधिकारियों को कोलकाता सीबीआइ कार्यालय में आर्थिक अपराध शाखा में भेजा गया है। दावा है कि दोनों नए अधिकारी उक्त तीनों अफसरों के साथ चिटफंड घोटालों की जांच में तेजी लाने का काम करेंगे।

गौरतलब है कि सीबीआइ अफसरों के तबादले होने से जांच प्रभावित हो सकती है। जांच प्रभावित न हो, खासकर इसलिए ही इन अधिकारियों का तबादला फिलहाल रोक दिया गया है। रोजवैली और सारधा चिटफंड घोटालें बहुत बड़े हैं। काफी समय से इन घोटालों की जांच चल रही है। इन दोनों घोटालों में कई नामी-गिरामी लोग भी शामिल हैं। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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