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बंगाल: ममता गुट के नेता से मिठाई खाना पड़ा भारी, मुलाकात के 24 घंटे बाद तृणमूल विधायक काजल शेख की सुरक्षा वापस

Published: Thu, 29 Oct 2026 07:29 PM (IST)

पश्चिम बंगाल में तृणमूल विधायक काजल शेख की सुरक्षा वापस ले ली गई है, यह घटनाक्रम ममता गुट के नेता ...और पढ़ें

तृणमूल विधायक काजल शेख की सुरक्षा वापस ली गई।

तृणमूल विधायक काजल शेख की सुरक्षा वापस ली गई।

HighLights

  1. तृणमूल विधायक काजल शेख की सुरक्षा वापस ली गई।

  2. ममता गुट के नेता से मुलाकात के बाद फैसला।

  3. टीएमसी की अंदरूनी खींचतान के बीच घटनाक्रम।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरुनी खींचतान के बीच बीरभूम जिले के हासन से विधायक काजल शेख की सुरक्षा राज्य सरकार द्वारा वापस लिए जाने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सचिवालय नवान्न ने उनकी सुरक्षा में तैनात दोनों सुरक्षाकर्मियों को गुरुवार को वापस बुला लिया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही बुधवार को विधानसभा में तृणमूल के बागी ऋतब्रत बनर्जी खेमे से जुड़े काजल शेख को ममता तृणमूल गुट के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय से विजयादशमी की मिठाई लेते देखा गया था।

इसके बाद से ही काजल शेख के ममता खेमे में वापसी को लेकर अटकलें लगने लगी थीं। इस घटनाक्रम के 24 घंटे के भीतर ही काजल शेख के दोनों सुरक्षाकर्मी हटा लिए गए। हालांकि, सुरक्षा हटाने के फैसले और इस मुलाकात के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

सत्ता परिवर्तन के बाद भी बदली थी सुरक्षा व्यवस्था

तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में काजल शेख को पहले वाई श्रेणी और बाद में वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। उनकी सुरक्षा में पहले पुलिसकर्मियों के साथ पायलट और एस्कार्ट वाहन भी तैनात रहते थे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद उनकी वाई-प्लस सुरक्षा वापस ले ली गई थी।

इसके बाद उन्हें चार सशस्त्र सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए। जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव और उनके सभाधिपति पद से इस्तीफे के घटनाक्रम के बाद उनकी सुरक्षा में फिर बदलाव हुआ। बाद में उन्हें दो सुरक्षाकर्मी दिए गए थे, जिन्हें अब वापस बुला लिया गया है।

राजनीतिक खेमेबाजी के बीच मुलाकात

काजल शेख को बीरभूम की राजनीति में लंबे समय से अनुव्रत मंडल के विरोधी के रूप में देखा जाता रहा है। विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार और राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद तृणमूल दो गुटों में बंट गईं।

बड़ी संख्या में पार्टी के विधायक तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का साथ छोड़कर ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी खेमे में शामिल हो गए थे, जिनमें काजल शेख भी शामिल रहे हैं। ऐसे में शोभनदेव चट्टोपाध्याय से उनकी मुलाकात के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर अटकलें लगाई गईं।
इस मामले पर भाजपा के

सरकार ने उचित समझकर फैसला लिया होगा : भाजपा जिलाध्यक्ष

इस घटनाक्रम पर बीरभूम संगठनात्मक जिला भाजपा अध्यक्ष उदयशंकर बंद्योपाध्याय ने कहा कि सुरक्षा देना या वापस लेना प्रशासनिक विषय है और सरकार ने उचित समझकर फैसला लिया होगा। उन्होंने काजल शेख की सुरक्षा की जरूरत पर भी सवाल उठाया।

दूसरी ओर, काजल शेख ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि विजयादशमी की मिठाई खाने के कारण ही उनके दोनों सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया। फिलहाल, सुरक्षा वापस लेने के पीछे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।

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