तारातला हादसा: मुख्यमंत्री ने 16 मृतकों के स्वजनों को 10-10 लाख और घायलों को एक-एक लाख का सौंपा चेक
कोलकाता के तारातला गोदाम हादसे में मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक ...और पढ़ें

राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई
HighLights
मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का चेक सौंपा गया।
घायलों को 1-1 लाख रुपये और आजीवन मुफ्त उपचार मिलेगा।
बच्चों की शिक्षा, रोजगार, पुनर्वास का सरकार का वादा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कोलकाता के तारातला में 24 जून को निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने की भयावह घटना में मारे गए श्रमिकों के परिवारों व घायलों को मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
राज्य सचिवालय नवान्न सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले 16 श्रमिकों के स्वजनों को 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। वहीं, 17 घायलों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
कुल 1.77 करोड़ रुपये वितरित
कुल 1.77 करोड़ रुपये वितरित किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल मुआवजा देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन देते हुए कहा उनके पुनर्वास की भी पूरी व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। जरूरत पड़ने पर सरकारी छात्रावास की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक-एक योग्य सदस्यों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

आजीवन नि:शुल्क उपचार की घोषणा
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि घायलों के लिए आजीवन नि:शुल्क उपचार और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। श्रम विभाग के 'सेस फंड' से प्रभावित परिवारों को मासिक आर्थिक सहायता देने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना की निगरानी के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है। समिति सात से 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और आधुनिक बनाया जाएगा तथा आवश्यक उपकरणों की खरीद और सिविल डिफेंस तंत्र को मजबूत करने का काम भी किया जाएगा।

मृतकों में अधिकांश श्रमिक बिहार के थे रहने वाले
मृतकों और घायलों में अधिकांश बिहार के रहने वाले प्रवासी मजदूर थे। इनके अलावा कुछ श्रमिक बंगाल और झारखंड से भी थे। सबसे अधिक मृतक बिहार के मुंगेर जिले से थे, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य (सगे भाई) शामिल हैं, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई।

