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छोटा आंगरिया से नंदीग्राम हिंसा तक, फिर से खुलेंगी पुराने मामलों की फाइलें; CM शुभेंदु का निर्देश

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:36 PM (IST)

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि 2001 के छोटा आंगरिया नरसंहार और 2007 के नंदीग्राम हिंसा सहित पश्चिम ...और पढ़ें

CM शुभेंदु की बड़ी घोषणा (फाइल फोटो- PTI)

CM शुभेंदु की बड़ी घोषणा (फाइल फोटो- PTI)

HighLights

  1. पुराने राजनीतिक हिंसा के मामले फिर से खुलेंगे।

  2. छोटा आंगरिया नरसंहार, नंदीग्राम हिंसा की जांच होगी।

  3. तृणमूल-माकपा पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता । बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और माकपा के बीच बढ़ती कथित राजनीतिक नजदीकी को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को दोनों दलों पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य में राजनीतिक हिंसा के पुराने मामलों को लेकर बड़ा एलान किया।

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गड़बेता में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2001 में गड़बेता के छोटा आंगरिया गांव में तृणमूल समर्थकों के नरसंहार से लेकर 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान नंदीग्राम में हुए सशस्त्र हमले से जुड़े आपराधिक मामलों को दोबारा खोला जाएगा।

इन मामलों की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वाममोर्चा शासनकाल के दौरान नंदीग्राम में चर्चित 'ऑपरेशन सूर्योदय' के दौरान गड़बेता स्थित माकपा कार्यालय से हथियार लेकर लोग पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इन घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान झाड़ग्राम के भाजपा प्रत्याशी डा प्रणत टुडू पर हुए हमले का भी उल्लेख किया। प्रणत से घटना की प्राथमिकी की प्रति मांगते हुए उन्होंने पुलिस से पूछा कि मामले में कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जिन आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्हें बाल पकड़कर जेल में डाला जाएगा। उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले पुरुलिया से लौटते समय चंद्रकोणा रोड पर अपने काफिले पर हुए हमले का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह पुरानी घटनाओं को भूले नहीं हैं। सभी मामलों में कार्रवाई होगी।

अराजकता के पुराने दौर को वापस लाने की हो रही कोशिश

तृणमूल और माकपा को एक साथ निशाने पर लेते हुए शुभेंदु ने कहा कि अब दोनों के बीच कोई अंतर नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस हाथ मिलाकर राज्य में फिर से अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माकपा के महासचिव एमए बेबी और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच नई राजनीतिक नजदीकी इसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने दोनों दलों को एक-दूसरे का सहयोगी बताते हुए कहा कि बंगाल में अराजकता के पुराने दौर को वापस लाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने दोनों दलों पर देश में भी अशांति फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल में हुए विभाजन का फायदा उठाकर माकपा फिर से अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम पर निशाना साधते हुए उन्होंने गड़बेता में माकपा कार्यालय पर हमले में भाजपा के शामिल होने के आरोपों से जुड़े उनके बयान को भी चुनौती दी।

बीएसएफ को जमीन और कर्मचारियों के हितों का दावा

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के छह महीने के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सीमा सुरक्षा मजबूत की गई है और बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को जमीन उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने दावा किया कि आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित केंद्र सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं को राज्य में लागू करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों और श्रमिकों का मानदेय बढ़ाया है। पैरा शिक्षकों से लेकर ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों तक के हितों की सुरक्षा के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

 

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